वेनेज़ुएला में वोट न देने पर मिलेगा अभिशाप

वेनेजुएला
Image caption वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति निकोलस माडुरो चुनावी अभियान के दौरान ड्रम बजाते हुए

वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति निकोलस माडुरो ने अपनी देश की जनता से कहा है कि अगर वे अगले हफ्ते होने वाले चुनाव में उन्हें वोट नहीं देते हैं तो उन पर बड़ा अभिशाप लगेगा.

उन्होंने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार हेनरिक कैपरिल्स की तुलना 16वीं सदी के स्पेन के विजेताओं से की जिन्होंने वेनेज़ुएला के स्थानीय लोगों के साथ युद्ध कर हरा दिया था.

स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद 1522 में स्पेन ने वेनेज़ुएला को अपना उपनिवेश बना लिया था.

माडुरो का कहना है कि सदियों पुराना यह अभिशाप उन लोगों पर पड़ेगा जो उन्हें वोट नहीं देंगे.

वहीं दूसरी ओर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कैपरिल्स ने कहा कि अगर माडुरो चुनाव जीत जाते हैं तो वेनेज़ुएला के लिए यही सबसे बड़ा अभिशाप होगा.

पिछले महीने वामपंथी नेता व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज का निधन कैंसर की वजह से हो जाने पर ख़ाली हुए पद के लिए देश में अगले रविवार को चुनाव कराया जा रहा है.

जनमत सर्वेक्षण बताते हैं कि चावेज़ के उत्तराधिकारी माडुरो को अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी के मुक़ाबले कम से कम 10 अंकों की बढ़त हासिल है.

कैसा अभिशाप

Image caption ताचिरा राज्य में चुनावी अभियान में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रपति पद के प्रमुख उम्मीदवार हेनरिक कैपरिल्स

ब्राज़ील और कोलंबिया की सीमा पर एक बड़े जंगली इलाक़े अमाज़ोनाज़ राज्य में आयोजित एक रैली में उन्होंने एक स्थानीय टोपी पहनकर शिरकत की. माडुरो का कहना था, “अगर कोई निकोलस माडुरो के ख़िलाफ़ मत देता है तो वह ख़ुद अपने-आप के ख़िलाफ़ वोट देगा और उस पर ‘माराकपाना’ का अभिशाप पड़ेगा.”

दरअसल वह 16वीं सदी के उस संघर्ष का हवाला दे रहे थे जब स्पेन के लड़ाकुओं ने स्थानीय सैनिकों को बड़ी मात दी थी.

उनका कहना था, “अगर बुर्जुआ जीतते हैं तो वे स्वास्थ्य और शिक्षा का निजीकरण करेंगे, भारतीयों से ज़मीन लेंगे तो माराकपाना का अभिशाप आप पर पड़ेगा.”

विश्लेषकों का कहना है कि वेनेज़ुएला में कैथोलिक और जीववादी धारणाएं मौजूद हैं. ख़ासतौर पर दक्षिण-मध्य मैदानों और जंगलों में आत्मा और अभिशाप से जुड़ी बातचीत के लिए पर्याप्त गुंजाइश है जो चुनावी अभियान में हीं ज्यादा प्रासंगिक हो जाती हैं.

उन्होंने पश्चिमी राज्य ताचिरा में एक रैली में कहा, “जो लोगों को धमकाते हैं और ये कहते हैं कि उन पर अभिशाप पड़ेगा, उन्हें देश पर शासन करने का कोई अधिकार नहीं है.”

उन्होंने कहा, “वेनेज़ुएला के सभी निवासियों से मैं यह कहना चाहता हूं कि वास्तव में सरकार का एक छोटा समूह ही अभिशाप है जिससे हम 14 अप्रैल को छुटकारा पाएंगे.”

वैसे तो राष्ट्रपति चुनाव में पांच अन्य उम्मीदवार हैं लेकिन कड़ा मुक़ाबला माडुरो और कैपरिल्स के बीच है.

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