अमरीका को ‘आयरन लेडी’ से प्यार क्यों?

मारग्रेट थैचर
Image caption अमरीका में बेहद लोकप्रिय रहीं थैचर

अमरीका में बेहद लोकप्रिय ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर जब पहली बार अमरीका गईं तब वो 41 साल की थीं. अमरीकी विदेश विभाग ने एक अंतरराष्ट्रीय अदला-बदली कार्यक्रम में उन्हें बुलाया था.

यही वो पहला मौका था जब थैचर और अमरीका के बीच लंबी और घनिष्ट दोस्ती के बीज पड़े. बाद में जब वो बतौर प्रधानमंत्री, 10 डाउनिंग स्ट्रीट में रहने के लिए गईं तब अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन से उनकी दोस्ती पक्की हो चुक थी.

न केवल रीगन बल्कि आम अमरीकी भी थैचर को बेहद पसंद करते थे. 2005 में अमरीका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में मारग्रेट थैचर सेंटर फॉर फ्रीडम की स्थापना की गई. इसका मकसद थैचर के आदर्शों और विचारों की स्थापना करना है.

पसंद का कारण

संस्था के निदेशक नील गार्डिनर कहते हैं कि थैचर को अमरीका में पसंद किए जाने की दो खास वजहे हैं--पहली है मजबूत नेतृत्व जो कि अमरीका में जरूरी है. और दूसरी वजह है समाजवाद के प्रति तिरस्कार की भावना.

गार्डिनर के मुताबिक, "थैचर दृढ़ निश्चय वाली राजनेता थीं.ये उनके काम और विश्वास में भी झलकता था. वो बहुत कुछ चर्चिल जैसी थीं. इसके अलावा वो खुले बाजार और पूंजीवाद की खुली हिमायती थीं जिसे कि अमेरिका के लोग पसंद खासा करते हैं.”

गार्डिनर के मुताबिक अमरीका और ब्रिटेन के बीच उतने घनिष्ट संबंध कभी नहीं रहे जितना कि रीगन और थैचर के दौरान थे.गार्डिनर मानते हैं कि रीगन के दौरान जो भी आर्थिक सुधार हुए वो संभव नहीं हो पाते अगर थैचर भी ब्रिटेन में वैसे ही सुधारों को लागू नहीं कर रही होतीं.

अमरीका के मन में थैचर के लिए कितना आदर है इसका पता इस बात से चलता है कि बतौर प्रधानमंत्री थैचर के तीस साल पूरा होने के मौके पर अमरीकी प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पास किया गया.

लंदन स्थित एक अमेरिकी पत्रकार माइकल गोल्डफार्ब कहते हैं, “थैचर को अमरीका में इसलिए बेहद पसंद किया जाता है क्योंकि उन्होंने मुक्त बाजार की नीतियों की वकालत की, मजदूर संघों के प्रभाव को खत्म किया और बिगड़ैल तत्वों के साथ युद्ध किया.”

दोस्ती में आया तनाव

रीनग-थैचर की दोस्ती के किस्से सुनाए जाते हैं लेकिन ऐसा भी नहीं है इन दोनों के बीच हर समय सब कुछ ठीक था. दो मौके ऐसे आए जब इन दोनों के बीच मनमुटाव पैदा हो गया था.

फाकलैन्ड युद्ध के समय 1981 में रीगन ने शांति का प्रस्ताव दिया था. ये प्रस्ताव थैचर को पसंद नहीं आया.दूसरी बार दोस्ती में दरार 1983 में पड़ी जब रीगन ने बिना थैचर को बताए ग्रेनादा में हमला कर दिया था.

थैचर ने इसके बाद भी एक बार अमरीकी राष्ट्रपति सीनियर बुश को “डावांडोल न होने” की सलाह दी थी. ये बात 1990 की है जब सद्दाम हुसैन ने कुवैत पर हमला कर दिया था और बुश प्रशासन इराक के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की योजना बना रहा था.

गोल्डफार्ब कहते है, “थैचर का केवल महिला प्रधानमंत्री होना ही काफी नहीं था. वो पुरुषोचित शक्तियों से लैस थीं.”

अमरीका के विदेश मंत्रालय की ओर से रिलीज किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि हिलेरी क्लिंटन थैचर की बड़ी प्रशंसक हैं. जब वो राष्ट्रपति चुनाव की रेस में हिस्सा ले रही थीं उस वक्त उनके सलाहकरों ने थैचर को प्रेरणास्रोत्र बनाने की सलाह दी थी.इसी तरह सारा पालिन भी थैचर को राजनीति की हीरोइन के रूप में मानती थीं.

स्ट्रीप रोल

थैचर की लोकप्रियता का आलम ये था कि उन पर हॉलीवुड में एक फिल्म भी बनाई गई थी.इसका नाम था – दि आयरन लेडी. इस फिल्म में अभिनेत्री मेरिल स्ट्रीप ने काम किया था जिसके लिए उन्हें ऑस्कर पुरस्कार भी मिला.

Image caption आयरन लेडी में मेरिल स्ट्रीप ने काम किया था

जब बात अमरीका और ब्रिटेन के संबंधों की होती है तो थैचर के योगदान को भी स्ट्रीप जैसा ऐतिहासिक माना जाता है.

केलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर शॉन बाउलर कहते हैं, “ थैचर ने खुद को इतना बड़ा बना लिया जितना कि उनकी शख्सियत नहीं थी.मेरे ख्याल से ब्रिटेन के किसी दूसरे प्रधानमंत्री ने फिर वो चाहे जॉन मेजर हों, कैमरन या फिर गॉर्डन ब्राउन हों वो रुतबा किसी ने हासिल नहीं किया.”

जब 2012 में स्ट्रीप ऑस्कर लेने के लिए मंच पर गईं तो वो थैचर का नाम लेना भूल गईं. जानकार मानते हैं कि स्ट्रीप भले ही थैचर का नाम लेना भूल गईं लेकिन अमरीका और ब्रिटेन की जनता थैचर का नाम कभी नहीं भूलेगी.

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