दुनिया हलकान है 'मेड इन चाइना' सामान से

  • 18 अप्रैल 2013
चीन में हर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद का नकली उत्पाद तैयार हो जाता है

रेयान ली बड़ी तेजी से अपने खोज की कामयाबी के बारे में बता रहे हैं. उन्होंने एक उच्च गुणवत्ता वाला मिनी स्पीकर तैयार किया था, जिसकी आवाज से पूरे कमरे में संगीत गूंज सकता है.

महज छह महीने पहले उन्होंने इसका उत्पादन शुरू किया था, अब उनके यूरोप के वितरक डिस्काउंट के लिए फ़ोन करने लगे हैं.

उनके वितरकों का कहना है कि ठीक इसी तरह का स्पीकर उन्हें अब सस्ते में मिल रहा है.

इन फ़ोन कॉल्स के बाद ही रेयान ली को मालूम चला कि वे जिसे अपना खोज मान रहे हैं उसकी नकल हो चुकी है. उन्हें ये अंदाजा हो गया कि सावधानी बरतनी थी.

ली कहते हैं, “हमें चीन में काफी सीख मिली है, हमने काफ़ी मुश्किलों का सामना किया है.”

हर उत्पाद का नकल

इस झटके के बाद भी ली की कंपनी एक्स-मिनी ने एक लोकप्रिय उत्पाद है और 2012 में कंपनी ने 33 मिलियन सिंगापुर डॉलर या करीब 144 करोड़ रुपयों से ज़्यादा का मुनाफ़ा कमाया है.

ये कंपनी सिंगापुर के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के एक बार में स्थित है. इसमें प्रवेश करते ही आपको अंदाजा हो जाता है कि यहां पहले बार रहा होगा, एक पूल टेबल, काले सोफे और अंधेरे कोने.

साल 2006 से ली ने एक्स-मिनी स्पीकर बेचना शुरू किया है. उनका सपना यही था कि पॉकेट में समा सकने वाले स्पीकर से दमदार आवाज निकले.

ली के मिनी स्पीकर का भी जल्दी है तैयार हो गया था नकली उत्पाद

उनके मन में ये विचार तब आया जब उन्होंने एक स्पीकर की बड़ी ही ख़राब आवाज सुनी थी.

वे कहते हैं, “इस समय बाजार में इससे छोटा और बेहतर स्पीकर उपलब्ध नहीं है. ग्राहक गुणवत्ता के लिए पैसे खर्च करना जानते हैं.”

ली का कहना सही है, क्योंकि ज़्यादा कीमत होने के बावजूद भी ये स्पीकर काफी सफल रहा है.

यह उत्पाद और ज़्यादा कामयाब होता उससे पहले चीन की कंपनियों ने इसकी नकल करते हुए सस्ता स्पीकर बाजार में उतार दिया है.

ली कहते हैं, “उन्होंने इस स्पीकर की कामयाबी देखी है, लिहाजा वे जहां भी इसे बेच रहे होंगे, खूब बिक रहा होगा.”

असली-नकली का भेद

नकली स्पीकर देखने में एक्स-मिनी स्पीकर जैसा ही लगता है लेकिन आवाज की गुणवत्ता में जमीन आसमान का अंतर है.

ली को ये भी मालूम है कि नकली स्पीकर कौन हैं, क्योंकि उन पर उनकी कंपनी का सीरियल नंबर नहीं है, और उसकी पैकेजिंग भी अलग है.

हालांकि ली को नुकसान इसलिए भी हुआ है क्योंकि उन्होंने स्पीकर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट को चीन में रखा हुआ था. इस समस्या का सामना कई दूसरे उत्पादकों को भी हो रहा है.

एक ओर हाई टेक उत्पादों को बनाने वाली कंपनियों को चीन लुभाता खूब है.

ली कहते हैं, “ हार्ड वेयर के लिहाज से चीन सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी देश है.”

देश में संसाधनों की कमी नहीं है, बड़ी संख्या में कुशल श्रमिक मौजूद हैं लिहाजा मैन्यूफैक्चरिंग के लिहाज से चीन दुनिया में सबसे अव्वल है.

ली बताते हैं कि उन्होंने पहले इस स्पीकर को इंडोनेशिया और वियतनाम में तैयार करने के बारे में सोचा था, लेकिन लागत और गुणवत्ता के लिहाज से चीन मुफ़ीद बैठा.

वे कहते हैं, “इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों में सबकुछ नहीं हो सकता और आपको कम गुणवत्ता वाले उत्पाद के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होते हैं.”

अरबों डॉलर का चूना

जाहिर है कि उत्पादों को तैयार करने में चीन अव्वल है, लेकिन यहां आपके उत्पादों के नकल भी जल्दी ही तैयार होते हैं.

इलेक्ट्रानिक उत्पादों में आपको हर कीमती सामना का नकली उत्पाद सस्ते दामों पर मिलेगा.

अमरीकी इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन के चीनी में बने नकली सामानों के चलते अमरीकी कंपनियों को 2009 में करीब 48.2 अरब डॉलर या 26000 हज़ार करोड़ रुपयों से ज़्यादा का नुकसान उठाना पड़ा.

नकली और असली उत्पाद को देखकर भेद करना असंभव

वाय मून चेन कई कंपनियों के उत्पादों के नकली उत्पादों के मामलों पर नजर रखने वालों में हैं.

वे सिंगापुर स्थित मैन्यूफैक्चर सुनिंगडेल टेक के उपाध्यक्ष हैं, जिसकी चीन, मलेशिया और सिंगापुर में कारखाने है.

चेन के मुताबिक चीन में नकली सामानों की कालाबाज़ारी बड़े पैमाने पर बढ़ी है. नकली सामान बनाने वाले असली कंपनी में काम करने वालों को रिश्वत देकर जानकारी हासिल कर लेते हैं.

निपटने की क्या है तैयारी

चेन कहते हैं, “हमने अपनी कंपनी में कैमरे लगाए हैं ताकि कोई जानकारी लीक नहीं हो सके और ना ही ज़्यादा संख्या में उत्पाद तैयार हो सकें.”

इसके अलावा कुछ कंपनियों ने अलग अलग कंपनियों के सामान से अपना उत्पाद तैयार करना शुरू किया है ताकि किसी भी कंपनी को पूरे प्रॉडक्ट के बारे में जानकारी नहीं मिले.

एक्स- मिनी के मुख्याल में रेयान ली कहते हैं कि वे भी ये तरीका अपना रहे हैं. हालांकि ली कहते हैं कि किसी भी उत्पाद का नकली उत्पाद तैयार करना बेहद आसान होता है.

ऐसे में बाजार में बने रहने का सबसे बेहतरीन तरीका यही है कि अपने प्रॉडक्ट की गुणवत्ता को कायम रखा जाए.

रेयान ली कहते हैं, “मैं वकीलो के बदले अपने इंजीनियरों पर पैसे खर्च करना पसंद करूंगा.”

ली की सलाह यही कि तकनीकी उत्पादों की दुनिया में नकलची कंपनियों को पीछे छोड़ने का तरीका यही है कि आप अपने उत्पाद में तेजी से बेहतर बदलाव करते जाएं.

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