दक्षिणी सूडान में पांच भारतीय शांति सैनिकों की मौत

दक्षिणी सूडान
Image caption दक्षिणी सूडान को 2011 में मिली स्वाधीनता के बाद से जातीय हिंसा की कई वारदातें हुई हैं.

दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र के एक काफ़िले की हिफाज़त करने वाले सुरक्षा बल पर हुए हमले में पांच भारतीय शांति सैनिकों की मौत हो गई है.

भारतीय विदेश मंत्रालय प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने इस बात की पुष्टि की है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखे गए एक सन्देश में कहा, "दक्षिणी सूडान के जोंगलेई में संयुक्त राष्ट्र मिशन की एक टुकड़ी पर हुए विद्रोहियों के हमले में पांच भारतीय शांति सैनिकों की मौत हो गई है."

समाचार एजेंसी एएफ़पी से हुई बातचीत में भी सैयद अकबरुद्दीन ने इस बात को दोहराया और कहा कि यह सैनिक भारतीय थे.

मारे गए शांतिसैनिकों के नाम हैं, महिपाल सिंह, शिव कुमार पाल, हीरा लाल, भरत सिंह और नन्द किशोर.

दक्षिणी सूडान को वर्ष 2011 में मिली स्वाधीनता के बाद से जोंगलेई प्रांत में व्यापक जातीय हिंसा की कई वारदातें पहले भी हुई हैं.

तनाव

सबसे ज्यादा तनाव पिबोर क्षेत्र में रहा है जहाँ पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बल लगातार तैनात रहे हैं.

गत मार्च महीने में भी एक भारतीय सैनिक को गोली लगी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

जबकि उससे पहले दिसंबर, 2012 में विद्रोहियों पर सरकारी कार्रवाई की आशंका के चलते विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र का एक हेलिकॉप्टर मार गिराया था.

दुनिया भर में तैनात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बलों में भारतीय सैनिक हमेशा से बड़ी तादाद में शामिल रहे हैं.

हालांकि भारतीय सैनिकों को इन तमाम तैनातियों के दौरान कई बार जान-माल के नुकसान का भी सामना करना पड़ा है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार सरकार हताहत सैनिकों के शवों को दक्षिणी सूडान से भारत लाने के तत्काल प्रबंध कर रही है.

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