मुबारक का मुकदमा रूका, जज हुए अलग

होस्नी मुबारक
Image caption होस्नी मुबारक ने कटघरे के भीतर से हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन किया.

मिस्र में अपदस्थ राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ सत्ता विरोधी प्रदर्शनकारियों को मारने का षड़यंत्र रचने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर दोबारा सुनवाई करने वाले जज ने खुद को मुक़दमे से अलग कर लिया है.

मुबारक को साल 2011 में उनकी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को मारने का षड़यंत्र रचने का दोषी करार दिया गया था. इस दौरान 850 लोग मारे गए थे.

अदालत ने मुबारक को इस मामले में पिछले वर्ष जून में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.

चौरासी साल के मुबारक ने सज़ा के ख़िलाफ़ अपील की थी जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए गत जनवरी में उन पर दोबारा मुकदमा चलाने का आदेश दिया था.

'मैं अहसज महसूस कर रहा हूं'

न्यायधीश मुस्तफ़ा हसन अब्दुल्लाह ने मुक़दमा शुरू होने से पहले इससे अलग होने का एलान किया.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि अदालत में जारी शोरगुल के बीच न्यायधीश अब्दुल्लाह ने कहा कि वो मामले की दुबारा सुनवाई करने में 'असहज' महसूस कर रहे हैं इसलिए वो इसे काहिरा की अपील अदालत के हवाले कर रहे हैं.

अदालत अब मुक़दमे की सुनवाई के लिए एक नए न्यायधीश की नियुक्ति करेगी.

स्वास्थ्य

खराब स्वास्थ्य के कारण मुबारक इन दिनों काहिरा में एक सैन्य अस्पताल में भर्ती हैं. शनिवार को उन्हें हैलीकॉप्टर के ज़रिए कोर्टहाउस में लाया गया.

सरकारी टीवी में दिखाया गया कि काले चश्मे और सफेद कपड़े पहने मुबारक को व्हीलचेयर के ज़रिए कोर्ट में ले जाया जा रहा है.

मुबारक के ख़िलाफ़ पहला मुकदमा दस महीने चला था और वो स्ट्रेचर पर ही अदालत आते थे. उनके दो बेटों, पूर्व गृह मंत्री हबीब अल अदली और उनके छह सहयोगियों के ख़िलाफ़ भी समान आरोपों पर दोबारा मुकदमा चलेगा.

अल अदली को प्रदर्शनकारियों को मारने में हाथ होने का दोषी करार देने के साथ आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी जबकि भ्रष्टाचार के मामलों में उन्हें पाँच और 12 साल की सज़ा हुई थी.

मुबारक के बेटों गमाल और अला पर भी भ्रष्टाचार का मुकदमा दोबारा चलेगा. पिछले साल जून में उन्हें इन आरोपों से बरी कर दिया गया था. मुबारक को भी भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया गया था.

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