श्रीलंका मे तमिल अखबार के दफ्तर को फूंका

Image caption राजपक्षे पर पहले भी तमिलों के संहार का आरोप लगता रहा है.

श्रीलंका के जाफना में शनिवार को कुछ हथियारबंद लोगों ने एक तमिल अखबार के दफ्तर पर हमला कर गोलियां चलाईं.

अखबार के दफ्तर को आग भी लगा दी गयी.

श्रीलंका में निजी मीडिया पर हमलों की कड़ी में यह ताजा मामला है.

जाफना में “उदयन” नाम के इस अखबार पर शाम से पहले हमला हुआ. यह शहर गृहयुद्ध के दौरान विद्रोही समूह तमिल टाईगर्स का मुख्य गढ़ हुआ करता था.

अखबार के मालिक ईश्वरपथम सर्वनपवन ने कहा, “सुबह अखबार बांटने की तैयारी करते वक्त यह हमला हुआ. बंदूकधारियों के घुसते ही वे भाग गए.”

हमले में हालांकि कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन हमलावरों ने प्रिंटिंग प्रेस को जला दिया.

अल्पसंख्यक समूहों को निशाना

मीडिया कार्यालयों और कर्मचारियों पर श्रीलंका में हालिया दिनों में हमले होना तेज़ हो गया है. गृहयुद्ध के खत्म होने के चार वर्षों के बाद अल्पसंख्यक समूहों को निशाना बनाया जा रहा है.

सर्वनपावन ने सरकार पर भी संदेह जताते हुए कहा, “इस हमले के पीछे सैन्य या अर्द्धसैनिक बल हो सकते हैं. हमने हाल ही के दिनों में उत्तरी श्रीलंका में सेना के हाथों नागरिकों की ज़मीन हथियाने की रिपोर्ट की थी.”

यह इलाका गृहयुद्ध का मुख्य केंद्र हुआ करता था और यहां अधिकांश आबादी तमिलों की है.

सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर रुवन वानिगासूर्या ने हालांकि इन आरोपों को बेतुका और निराधार बताया है.

तनाव

इससे पहले एक समूह ने किलिनोच्ची में इसी अखबार के स्थानीय दफ्तर पर हमला किया था. इस शहर में तमिल टाईगर्स का मुख्यालय था. उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक अल्पसंख्यक तमिलों के लिए अलग राष्ट्र की मांग को लेकर गृहयुद्ध किया था.

अखबार ने तमिलों के लिए स्वशासन का समर्थन किया है. इसके कर्मचारियों को लगातार धमकियां मिल रही हैं और हमले हो रहे हैं.

साल 2006 में इसके दफ्तर पर सबसे गंभीर हमला हुआ था, जब हमलावरों ने दो कर्मचारियों की हत्या कर दी थी.

जनवरी में जाफना में अखबार बांटते वक्त इसके कर्मचारी पर हमला हुआ था और उसकी मोटरबाइक को आग लगा दी गयी थी.

राजधानी कोलंबो में भी पत्रकारों पर हमला हो रहा है. अखबार “इंडिपेंडेंट संडे लीडर” के एक पत्रकार पर भी फरवरी में गोली चलायी गयी. यह अखबार भी सरकार की आलोचना करने वालों में शामिल बताया जाता है.

चार वर्ष पहले उसके संपादक की हत्या कर दी गयी थी. एमनेस्टी इंटरनेशनल के आंकड़ों के अनुसार 2006 की शुरुआत से ही कम से कम 14 पत्रकारों की हत्या श्रीलंका में हुई है.

संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों पर चिंता जतायी है. पिछले महीने यूएनएचआरसी में मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था.

संबंधित समाचार