अमरीका को रूस का जवाब, जारी की सूची

डेविड एडिंगटन
Image caption डेविड एडिंगटन का नाम रूस की सूची में शामिल था.

रूस ने अमरीकी कार्रवाई का जबाव देते हुए उसके 18 प्रतिबंधित अधिकारियों की सूची जारी की है.

इससे पहले अमरीका ने भी रूस के 18 ऐसे अधिकारियों की सूची जारी की थी जिनके अमरीका में प्रवेश पर प्रतिबंध है.

रूस के विदेश मंत्रालय ने जो सूची जारी की है उसमें बुश प्रशासन के दो अधिकारी भी शामिल है. इन अधिकारियों को कैदियों से राज़ उगलवाने के लिए सख्त तकनीक के इस्तेमाल का हिमायती माना जाता है.

इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी के चीफ़ ऑफ स्टाफ डेविड एडिंगटन का नाम भी है. साथ ही इस सूची में गुआंतानामो बे जेल के दो कमांडर भी शामिल हैं.

बाक़ी 14 लोगों पर विदेशों में रूस के नागरिकों के अधिकारों का हनन करने का आरोप है.

इससे पहले अमरीका ने उन रूसी अधिकारियों की एक सूची प्रकाशित की थी जिन्हें कथित तौर पर मानवाधिकारों का हनन करने के मामले में अमरीका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया था.

तल्ख़ी

रूस ने पहले 18 नामों को सार्वजनिक न करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि इस क़दम से दोनों देश के रिश्तों में तल्ख़ी बढ़ सकती है.

रूस के एक वकील सर्गेई मैगनित्स्के की विवादित परिस्थितियों में जेल में मौत हो जाने के बाद अमरीका ने ये प्रतिबंध लगाया. मैगनित्स्के की 2009 में मौत हुई थी.

इस सूची में कर विभाग से जुड़े उन सभी अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल थे जिन्होंने मैगनित्स्के को कारावास की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई. मैगनित्स्के ने इन सभी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था.

लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनके लिए काम करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों, जिनके बारे में ऐसा अंदेशा था कि वे भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं, उनका नाम इस सूची में शामिल नहीं है. इसमें रूस के प्रमुख पुलिस अधिकारी एलेक्जेंडर बास्त्रीकिन भी शामिल हैं.

एक वरिष्ठ रूसी कानून निर्माता एलेक्सी पुशकोव का कहना है कि इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के मुताबिक सूची में से नामों को घटाने से यह संकेत मिलता है कि अमरीकी सरकार ने मास्को के साथ कोई राजनीतिक संकट जैसी स्थिति बनाने का फैसला नहीं किया है.

अमरीका ने मूलतः 250 नामों की सूची जारी की गई थी. अंतिम सूची में रूस, यूक्रेन, अजरबैजान और उजबेकिस्तान के नागरिक थे जिनमें से 16 लोगों का नाम मैगनित्स्के मामले से जुड़ा हुआ था.

ऐसा माना जाता है कि अन्य अधिकारियों ने रूसी नागरिकों के राजनीतिक अधिकारों को सीमित करने के लिए रूस की सरकार का समर्थन किया.

मामला

मैगनित्स्के को वर्ष 2008 में कर चोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. उन्होंने रूस के पुलिस अधिकारियों पर धोखाधड़ी से कर छूट के जरिये देश से 23 करोड़ डॉलर चोरी करने का आरोप लगाया था.

Image caption सर्गेई मैगनित्स्के को कर चोरी के आरोपों में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था

उनके परिवार और अधिकार समूहों का कहना है कि उन्हें बुरी तरह से पीटा गया था और हिरासत में उनका इलाज भी नहीं कराया गया.

वॉशिंगटन ने 2012 में मैगनित्स्के कानून पारित कराया जिसके तहत उन रूसी अधिकारियों को काली सूची में डाला गया जो मैगनित्स्के की मौत के आरोपी थे. अब तक सूची के नामों को गुप्त रखा गया था.

जवाबी कार्रवाई

पुतिन ने जवाब में एक कानून पर हस्ताक्षर कर दिया जिसके जरिये अमरीकियों को अनाथ रूसी बच्चों को अपनाने से रोक लगा दी गई थी.

हाल ही में रूस के विदेश मंत्रालय ने भी कथित तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले अमरीकी अधिकारियों की अपनी काली सूची तैयार की है.

सूत्रों का कहना है कि जवाबी कार्रवाई समान तर्ज पर लागू की जा सकती है और शनिवार से इस पर अमल भी हो सकता है.

राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेशकोव ने संवाददाताओं से कहा, “निस्संदेह रूप से किसी भी तरह की सूची जारी होने से रूस-अमरीका के द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ेगा.”

अमरीका के कदम से प्रभावित होने वाले लोगों के अमरीकी खाते बंद कर दिए गए और उनके नाम उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें अमरीकी वीजा नहीं दी जाएगी. कुछ यूरोपीय देशों में भी इसी तरह का कदम उठाया जा रहा है.

हालांकि पेशकोव ने कहा है कि इस कदम से भले ही रूस की नाराज़गी बढ़ी है लेकिन दोनों देशों के बीच सहयोग जारी रहेगा क्योंकि विकास के लिए आगे भी कई संभावनाएं बची हुई हैं.

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