वेनेज़ुएला: विपक्षी पार्टी की रैली पर पाबंदी

वेनेज़ुएला
Image caption नतीजों की घोषणा के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

वेनेज़ुएला के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस माडुरो ने कहा है कि वो विपक्षी पार्टी को उनके चुनाव को चुनौती देने के उद्देश्य से राजधानी काराकस में रैली करने की इजाज़त नहीं देंगे.

ग़ौरतलब है कि रविवार को हुए चुनाव में निकोलस माडुरो ने कांटे की टक्कर में विपक्षी उम्मीदवार हेनरिक कैपरिल्स को हरा दिया था.

लेकिन विपक्षी दल ने चुनाव नतीजे को ख़ारिज कर दिया और इसके विरोध में बुधवार को राजधानी काराकस में आम रैली करने का आह्वान किया है.

नए राष्ट्रपति माडुरो ने चुनाव नतीजे के बाद देश में फैली हिंसा के लिए भी विपक्षी पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया.

वेनेज़ुएला के एटॉर्नी जनरल के अनुसार नतीजे आने के बाद हुई हिंसक झड़पों में अब तक सात लोग मारे जा चुके हैं.

लेकिन विपक्षी उम्मीदवार हेनरिक कैपरिल्स का कहना है कि हिंसा के लिए सरकार ज़िम्मेदार है क्योंकि उसने वोटों की दोबारा गिनती की विपक्ष की मांग को ख़ारिज कर दिया है.

कैपरिल्स ने बुधवार के दिन चुनाव आयोग के सामने धरना देने का आह्वान किया है तथा इसके साथ ही उन्होंने देश भर में अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भी अपील की है.

उन्होंने नए राष्ट्रपति के चुनाव को ग़ैरक़ानूनी क़रार देते हुए कहा कि जब तक सारे वोटों की दोबारा गिनती नहीं हो जाती वो चुनाव के नतीज़ो को स्वीकार नहीं करेंगे.

मंगलवार को पुलिस और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुई. प्रदर्शनकारियों ने राजधानी में कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं थीं.

शांति की अपील

राष्ट्रपति माडुरो ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वो किसी भी हालत में ब्लैकमेल नहीं होंगे.

Image caption नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने कहा है कि वो किसी भी हालत में ब्लैकमेल नहीं होंगे.

टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश में माडुरो का कहना था, ''ये सब उन्हीं की ज़िम्मेदारी है जिन्होंने हिंसा भड़काने का काम किया है, संविधान की अनदेखी की है. उनका मक़सद सरकार का तख़्ता पलटना है. अगर वो मुझे हटाना चाहते हैं तो आए, मैं अपनी जनता और सेना के साथ तैयार हूं.''

एटर्नी जनरल ल्यूसा ऑर्टेगा के अनुसार मंगलवार को हुई हिंसा में सात लोगों के मारे जाने के अलावा 60 लोग घायल हुए हैं और पुलिस ने अब तक 139 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

ऑर्टेगा के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया और कई दफ़्तरों में आग लगा दी गई थी.

वेनेज़ुएला में ताज़ा चुनाव पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ की मौत के बाद हुए जिनकी पिछले महीने कैंसर के कारण मौत हो गई थी.

चावेज़ ने ही माडुरो को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था.

कांटे की टक्कर

रविवार को हुए चुनाव में माडुरो को 50.8 फ़ीसदी वोट मिले थे जबकि विपक्षी उम्मीदवार हेनरिक कैपरिल्स को 49 फ़ीसदी वोट मिले थे. दोनों के बीच दो लाख 65 हज़ार वोटों का अंतर था.

कैपरिल्स ने वोटों की गिनती में भारी अनियमितता बर्ते जाने का आरोप लगाते हुए नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था.

कैपरिल्स का कहना था, ''हमलोग जनादेश की अनदेखी नही कर सकते हैं. हमारा पूरा विश्वास है कि हमलोग जीते थे. हमलोग इस समस्या को शांतिपूर्वक तरीक़े से हल करना चाहते हैं.''

अमरीका भी चुनाव नतीजों को मानने के लिए तैयार नहीं है. अमरीकी विदेश विभाग के एक उपप्रवक्ता पैट्रिक वेंट्रेल ने कहा कि दोबारा गिनती से पहले ही माडुरो को विजयी घोषित कर देना समझ से परे है.

माडुरो ने अमरीका पर चुनाव के बाद हुई हिंसा को भड़काने का आरोप लगाया. अमरीकी के वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति चावेज़ से बहुत ही ख़राब संबंध थे.

चावेज़ अमरीकी नीतियों के सख़्त विरोधी थे और उन्होने अमरीका पर 2002 में उनके तख़्ता पलटने की साज़िश रचने के आरोप भी लगाए थे.

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