ज़िंदगी की जंग लड़ रहे व्यक्ति ने बचाई ज़िंदगी

  • 18 अप्रैल 2013
Image caption अस्पताल जाते समय एंबुलेंस के चालक को दिल का दौरा पड़ा था.

फ्रांस में एक एंबुलेंस चालक की जान एक ऐसे व्यक्ति ने बचाई, जो आख़िरी स्टेज के कैंसर से पीड़ित था.

साठ साल के क्रिस्टी नाए को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था.

इसी दौरान एंबुलेंस के चालक ज्यां फ़्रांक्वा पी ने अपने हाथ और उंगुलियों में तेज चुभन की शिकायत की.

इसके बाद क्रिस्टी नाए ने एंबुलेंस की ड्राइवर वाली सीट संभाल ली. वे ज्यां फ़्रांक्वा पी को नज़दीकी शहर सिटी ऑफ़ लेंस के एक अस्पताल में ले गए.

साहस की सराहना

नाए ने 'वा दु नार' नाम के एक अख़बार को बाताया कि अस्पताल पहुंचने के 10 मिनट बाद ही डॉक्टरों ने पी का ऑपरेशन किया.

अस्पताल के आपातकालीन सेवा के प्रबंधक फ्रेडरिक एलिएनी ने बताया कि नाए की सहायता के बिना ज्यां फ़्रांक्वा पी की जान जा सकती थी.

पिछले हफ़्ते जब क्रिस्टी नाए बीमार पड़ गए थे तो पी ही उन्हें लिली के एक अस्पताल में लेकर गए थे.

'वा दु नार' को नाए ने बताया कि उन्होंने अपने पास रखी दवाओं में से कुछ दवाएं पी को दीं. उन्होंने पी से कहा,''आप मुझे गाड़ी की चाबी दें, आप मेरा विश्वास करें, मेरा जीवन ख़तरे में नहीं है. लेकिन आपका है.''

नाए ने कहा, ''हमने तेजी से गाड़ी चलाई. मैं सायरन तो नहीं खोज पाया. लेकिन मैं ट्रैफ़िक की लाइट से मुड़ने में कामयाब रहा, मैंने उनसे कहा कि वे खिड़की से हाथ बाहर निकाल कर कारों से आगे बढ़ने का रास्ता मांगें.''

नाए को अस्पताल ले जाने के लिए बाद में एक और एंबुलेंस मिली.

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