न्यायिक हिरासत में भेजे गए जनरल मुशर्रफ

न्यायिक हिरासत में मुशरर्फ
Image caption पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को पुलिस हिरासक की बजाय 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को देश के अपराध विरोधी न्यायालय ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश दिया है.

यह फैसला तब आया है जब एक दिन पहले ही 2007 में राष्ट्रपति पद पर रहते हुए पाकिस्तान में आपातकाल लागू करने के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है.

आतंकवाद विरोधी अदालत के जज कौसर अब्बास जैदी ने मुशर्रफ के वकीलों और उनके खिलाफ याचिका दायर करने वालों की दलीलें सुनीं और यह फैसला लिया कि 69 वर्षीय पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए.

न्यायमूर्ति जैदी ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे परवेज मुशर्रफ को 4 मई को अदालत में उपस्थित करें.

सुनवाई

इस्लाबाद के सेक्टर एफ-8 के अदालत परिसर में चल रही सुनवाई के दौरान मुशर्रफ के वकील थे कमर अफजल. कमर कफजल ने जज के सामने एक अपील भी रखी.

इस अपील में कहा गया कि चूंकि मुशर्रफ आपातकाल के दौरान 60 से अधिक जजों की गैरकानूनी तरीके से नजरबंदी के मामले में की जा रही जांच में पुलिस अधिकारियों को पूरा सहयोग कर रहे हैं इसलिए उन्हें पुलिस हिरासत की बजाय न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए.

कमर अफजल ने सुरक्षा कारणों के मद्देनजर मुशर्रफ को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की किसी भी कवायद का विरोध किया है. अफजल के अनुसार मुशर्रफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा अपनी जमानत याचिका खारिज कर दिए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे.

अशरफ गुज्जर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ याचिका दायर करने वालों की ओर से वकील मुकर्रर किए गए हैं.

गुज्जर का तर्क था कि मुशर्रफ को पुलिस हिरासत में भेज दिया जाना चाहिए ताकि उनके खिलाफ देश में आपातकाल लगाए जाने के मामले में जांच नए सिरे से और निष्पक्ष तरीके से की जा सके. अब स्थानीय प्रशासन को यह तय करना है कि परवेज मुशर्रफ को चक शहजाद के उनके फार्महाउस में नजरबंद रखा जाए जिसे “जेल” बना दिया गया है, या किसी और सुरक्षित जगह बंदी बनाया जाए.

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