बॉस्टन धमाका: मां -बाप के अलावा एफबीआई से भी होगी पूछताछ

Image caption बॉस्टन धमाकों के पीड़ितों के साथ लोग एकजुटता दिखा रहे हैं

अमरीकी अधिकारी बॉस्टन धमाकों के संदिग्ध दो भाइयों तमरलान और ज़ोख़र सारनाएफ़ के बारे में जानकारी जुटाने के लिए रूसी गणराज्य दागेस्तान में हैं. वहां वे इनके मां-बाप से पूछ ताछ करेंगे.

तमरलान और ज़ोख़र ने कुछ समय दागेस्तान में बिताया था. तमरलान ने 2012 में दागेस्तान में लंबा समय गुज़ारा था.

अमरीकी अधिकारी तमरलान के उस दौरे के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं और साथ ही ये भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसी दौरे में उनका झुकाव इस्लामी चरमपंथ की ओर हुआ था.

पंद्रह अप्रैल को बॉस्टन मैराथन के दौरान हुए धमाके के बाद संदिग्धों की तलाशी अभियान के दौरान तमरलान पुलिस के साथ हुई गोलीबारी में मारे गए थे जबकि उनके भाई ज़ोख़र घायल हो गए थे.

आरोप

ज़ोख़र अब भी अस्पताल में हैं. अमरीकी अभियोजकों ने ज़ोख़र पर सामूहिक विनाश के हथियार का इस्तेमाल करने और जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर हत्या का आरोप लगाया है. अगर उनका गुनाह साबित होता है तो उन्हें मौत की सज़ा मिल सकती है.

बॉस्टन मैराथन के दौरान फिनिशिंग लाइन पर हुए दो धमाकों में तीन लोग मारे गए थे जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

सरनाएफ बंधुओं का बचपन दक्षिणी रूस के मुस्लिम बहुल गणराज्य चेचेन्या में बीता था और पिछले एक दशक से वो अमरीका में रह रहे थे.

तमरलान 2012 में रूस गए थे और उन्होंने लगभग छह महीने चेचेन्या और पड़ोसी गणराज्य दागेस्तान में बिताए थे.

निर्दोष

तमरलान और ज़ोख़र के माता पिता का कहना है कि उनके बेटे निर्दोष हैं और अमरीकी सुरक्षा बलों ने उन्हें फंसाया है.

मॉस्को स्थित अमरीकी दूतावास के अधिकारी मंगलवार को दागेस्तान पहुंचे और उन्होंने तमरलान और ज़ोख़र के माता पिता से पूछताछ की.

दागेस्तान में मौजूद बीबीसी संवाददाता स्टीव रोसेनबर्ग ने कहा कि ये पूछताछ देर रात तक जारी रही.

हालांकि ये स्पष्ट नहीं कि ये पूछताछ कहां चल रही है लेकिन दूतावास के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि रूस सरकार जांच में पूरा सहयोग कर रही है.

इस बीच रूस की संवाद एजेंसी इंटरफैक्स के मुताबिक दागेस्तान के गृह मंत्री ने इन आरोपों का खंडन किया है कि उनके गणराज्य में प्रवास के दौरान तमरलान चरमपंथी बना था.

एफबीआई घेरे में

उधर अमरीकी खुफिया एजेंसियों को सीनेट की गुप्तचर मामलों की समिती के कड़े सवालों का सामना करना पड़ रहा है. सवाल ये पूछा जा रहा है कि क्या वे इन धमाकों को रोकने के लिए और प्रयास कर सकती थीं और क्या संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने तमरलान के बारे में मिली सूचनाओं का ठीक ढंग से इस्तेमाल किया?

सीनेट की गुप्तचर मामलों की समिति ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या एफबीआई ने तमरलान के बारे में रूस की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया था. रूस ने ये जानकारी दी थी कि तमरलान का झुकाव उग्र इस्लाम की तरफ हो रहा है.

तमरलान से 2011 में पूछताछ की गई थी और उन्होंने “उग्र इस्लाम” के प्रति झुकाव की बात को स्वीकार किया था.

सुनवाई

Image caption संदिग्धों की मां का कहना है कि उनके बेटे ऐसा काम नहीं कर सकते हैं

बंद कमरे में हुई सुनवाई में सांसदों ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच ख़ुफ़िया सूचनाओं को साझा करने की प्रक्रिया को सुधारने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं.

समाचार एजेंसी एपी ने रिपब्लिकन सांसद सूसन कोलिंस के हवाले से कहा कि अहम ख़ुफ़िया सूचनाओं की प्रक्रिया में गंभीर समस्या है. विभिन्न एजेंसियों के बीच ही नहीं बल्कि एक मामले में तो एक तो एक ही एजेंसी के बीच तालमेल नहीं है.

समिति के उपाध्यक्ष रिपब्लिकन सांसद सेक्सबी चेंब्लिस ने कहा कि उन्हें अभी तक इस चूक के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं लेकिन वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या सभी सूचनाओं को सही तरीके से साझा किया गया था या नहीं.

ज़ोख़र के खिलाफ सोमवार को अस्पताल में हुई सुनवाई के दौरान 10 पन्नों की चार्जशीट फाइल की गई. ज़ोख़र को गले में गोली लगी है लेकिन बावजूद इसके वो एक बार बोले.

अनाम अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि 19 साल के ज़ोख़र ने लिखित बयान में कहा कि उन्होंने 26 साल के अपने भाई के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई थी और इसमें किसी विदेशी चरमपंथी का हाथ नहीं है.

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