'हमें अमरीका नहीं जाना चाहिए था'

जुबेदात सारनाएफ़
Image caption जुबेदात सारनाएफ़ ने अपने बच्चों को निर्दोष बताया है.

बॉस्टन धमाकों के संदिग्ध भाइयों तमरलान और ज़ोख़र सारनाएफ़ की मां ने उनके परिवार के 10 साल पहले अमरीका पलायन करने पर अफ़सोस जताया है.

जुबेदात सारनाएफ़ ने रूसी गणराज्य दागेस्तान में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमरीका ने उनके बच्चों को उनसे छीन लिया है.

उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके बच्चे इस हमले में शामिल नहीं थे.

आंसुओं के सैलाब में डूबी जुबेदात ने कहा, “काश में अमरीका नहीं गई होती! मुझे इस बात का अफ़सोस है कि मैं वहां क्यों गई.”

अफ़सोस

उन्होंने कहा, “मैंने सोचा था कि अमरीका में हम महफूज रहेंगे. लेकिन अमरीका ने मुझसे मेरे बच्चे छीन लिए. मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे बच्चे ऐसा कुछ नहीं कर सकते.”

उनके बड़े बेटे तमरलान पुलिस के साथ गोलीबारी में मारे गए थे जबकि छोटे बेटे ज़ोख़र घायल हो गए थे.

उन्होंने कहा कि वो अभी ये तय नहीं कर पाईं हैं कि जाएं तो जाएं कहां. उन पर पिछले साल अमरीका में एक दुकान से सामान चोरी करने का आरोप लगा था और उन्हें आशंका है कि वहां जाने पर उन्हें गिरफ़्तार किया जा सकता है.

संदिग्धों के पिता अंजोर सारनाएफ़ ने कहा कि वो गुरूवार या शुक्रवार को अमरीका जाएंगे. वो अपने बेटे के शव को रूस लाना चाहते हैं.

सज़ा

ज़ोख़र अब भी अस्पताल में हैं. अमरीकी अभियोजकों ने ज़ोख़र पर सामूहिक विनाश के हथियार का इस्तेमाल करने और जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर हत्या का आरोप लगाया है. अगर उनका गुनाह साबित होता है तो उन्हें मौत की सज़ा मिल सकती है.

Image caption बॉस्टन मैराथन के दौरान हुए दो धमाकों में कई लोग अपंग हो गए.

बॉस्टन मैराथन के दौरान फिनिशिंग लाइन पर हुए दो धमाकों में तीन लोग मारे गए थे जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

सरनाएफ़ बंधुओं का बचपन दक्षिणी रूस के मुस्लिम बहुल गणराज्य चेचेन्या में बीता था और पिछले एक दशक से वो अमरीका में रह रहे थे.

तमरलान 2012 में रूस गए थे और उन्होंने लगभग छह महीने चेचेन्या और पड़ोसी गणराज्य दागेस्तान में बिताए थे. माना जा रहा है कि इसी दौरान उनका झुकाव चरमपंथ की तरफ हुआ था.

लेकिन उनकी मां ने कहा कि उन्होंने अमरीका वापसी के बाद तमरलान में कोई बदलाव नहीं देखा था.

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