नेपाल में बढ़ता चीन का प्रभाव

नेपाल में चीनी पर्यटक
Image caption चीन नेपाल में कई क्षेत्रों में निवेश कर रहा है. और नेपाल में लोग चीनी भाषा भी सीख रहे हैं.

ऐतिहासिक तौर पर नेपाल हमेशा भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव में रहा है. पर अब भारत का प्रतिद्वंद्वी देश चीन ने नेपाल में काफ़ी दिलचस्पी लेना शुरू कर दिया है.

उसने पिछले कुछ बरसों के दौरान नेपाल में आर्थिक निवेश बढ़ा दिया है. पर साथ ही वो सांस्कृतिक तौर पर भी अपना प्रभाव बढ़ा रहा है.

नेपाल में कई जगहों पर चीनी भाषा सिखाने वाले संस्थान खुल गए हैं. चीन सरकार ने नेपाली नौजवानों को मुफ़्त में चीनी भाषा सिखाने के लिए अध्यापक भी नेपाल भेजे हैं. नेपाल आने वाले चीनी पर्यटकों की संख्या में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है.

चीन पश्चिमी सेती में 750 मेगावॉट वाली एक हाइड्रोपावर परियोजना में 1.6 अरब डॉलर लगाने को तैयार है. साथ ही कई सड़क परियोजनाओं, दूरसंचार कंपनियों आदि में भी वो पैसा लगा रहा है.

साथ ही उसने नेपाल के राजनीतिक वर्ग से भी संबंध प्रगाढ़ करने शुरू कर दिए हैं. पिछले दिनों नेपाल की एकीकृत माओवादी पार्टी के चेयरमैन पुष्पकमल दहाल प्रचण्ड नेपाल के दौरे पर गए थे.

इन सब गतिविधियों को भारत काफ़ी ग़ौर से देख रहा है.

नेपाल में पिछले पंद्रह बरस की राजनीतिक उथल पुथल और अनिश्चितता के बाद चीन की बढ़ती दिलचस्पी पर ग्लोबल इंडिया में कल यानी शुक्रवार शाम देखिए राजेश जोशी की एक विशेष रिपोर्ट.

साथ ही नेपाल में भारत के राजदूत रह चुके देब मुखर्जी का विशेष इंटरव्यू.

इस पूरे विषय पर विशेष रिपोर्ट और विस्तार से चर्चा देखिएगा ईटीवी नेटवर्क पर बीबीसी हिंदी के टीवी कार्यक्रम ग्लोबल इंडिया में.

शुक्रवार - शाम 6 बजे ईटीवी राजस्थान और ईटीवी उर्दू पर और शाम 8 बजे ईटीवी यूपी, ईटीवी एमपी, ईटीवी बिहार पर

शनिवार – पुन: प्रसारण – रात आठ बजे– ईटीवी उर्दू

शनिवार – पुन: प्रसारण – रात साढ़े आठ बजे– ईटीवी राजस्थान पर

शनिवार – पुन: प्रसारण – रात साढ़े नौ बजे - ईटीवी यूपी, ईटीवी एमपी और ईटीवी बिहार पर

रविवार – पुन: प्रसारण – सुबह 11.00 बजे – ईटीवी यूपी, ईटीवी एमपी, ईटीवी राजस्थान और ईटीवी बिहार पर

रविवार – पुन: प्रसारण – दोपहर 1 बजे – ईटीवी उर्दू