सरबजीत से मिलने जाएगा परिवार, मिला वीज़ा

  • 27 अप्रैल 2013
Image caption लाहौर के जिन्ना अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है

दिल्ली में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास के एक अधिकारी का कहना है कि उन्होंने सरबजीत सिंह के परिवार के वीज़ा की अर्ज़ी मज़ूर कर ली है.

दूतावास के एक प्रवक्ता का कहना था कि वीज़ा का आवेदन उन्हें शनिवार को दिन में हासिल हुआ था.

पाकिस्तान के दूतावास के अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ये वीज़ा चार लोगों को दिया गया है, जो पंद्रह दिनों के लिए है.

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के ख़ानदान के चार लोगों - उनकी पत्नी, बेटी, बहन और उनकी बेटी ने सरबजीत से लाहौर मिलने जाने के लिए वीज़ा का आवेदन दिया था.

लाहौर जेल में बंद सरबजीत पर शुक्रवार को जेल में हमला हुआ था जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल के इंरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं.

मुक़दमा

हमले के मामले में दो कैदियों पर हत्या से जुड़ा मुकदमा दर्ज किया गया है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे एक ‘बहुत दुखद’ घटना बताया है.

उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद है, मुझे लगता है कि जेल में कुछ कैदियों ने उस पर हमला कर दिया.”

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इनमें से एक कैदी से कुछ दिन पहले सरबजीत का कुछ विवाद हुआ था और तब भी उस पर हमला करने की कोशिश की गई थी.

पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि शुक्रवार को सरबजीत पर छह लोगों ने हमला किया था. उनके सिर, चेहरे और गर्दन पर ईंटों से वार किए गए और धड़ पर ब्लेड और घी के टिन से वार किए गए.

सरबजीत को पहले जेल के अस्पताल में ले जाया गया लेकिन जब उनकी स्थिति बिगड़ने लगी तो उन्हें जिन्ना अस्पताल ले जाया गया.

हालत गंभीर

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विट किया है कि, “सरबजीत सिंह का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उच्चायोग के अधिकारियों को बताया है कि उनकी हालत गंभीर है, वो कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है."

सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विट पर खबर दी है कि सरबजीत सिंह की एक्सरे, सीटी स्कैन और एमआरआई की गई है और डॉक्टर उनकी हालत स्थिर होने का इंतज़ार कर रहे हैं, उसके बाद ही उनकी सर्जरी की जा सकती है.

उन्होंने ये भी लिखा है कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर के जिन्ना अस्पताल में मौजूद हैं और सरबजीत सिंह का इलाज कर रहे मेडिकल बोर्ड से लगातार संपर्क में हैं.

सरबजीत सिंह को लाहौर के जिन्ना अस्पताल के आपातकालीन वॉर्ड में आईसीयू में रखा गया है.

उनके सिर में गंभीर चोट आई है और भीतर रक्तस्राव हुआ है जिसे सर्जरी से ही ठीक किया जा सकता है.

डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी हालत स्थिर नहीं होती, सर्जरी नहीं की जा सकती है.

सरबजीत सिंह के वकील औवेस शेख का कहना है कि उनके मुवक्किल की हालत गंभीर बनी हुई है.

जेल के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरबजीत को जेल में धमकियां मिल रही थीं और उन्होंने इस बारे में जेल अधिकारियों को भी बताया था.

सरबजीत पर हमले के बाद से उनके रिश्तेदार बराबर ओवैस शेख के संपर्क में हैं.

आरोप

सरबजीत सिंह पर 1990 में पाकिस्तान में बम धमाकों में हिस्सा लेने का आरोप है. इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे.

लेकिन, सरबजीत का परिवार इन आरोपों से इनकार करता है. परिवार के मुताबिक धमाकों में हिस्सा लेने वाले कोई दूसरे लोग थे और ये गलत पहचान का मामला है.

भारत कई स्तर पर सरबजीत के लिए रिहाई का मसला उठा चुका है.

लेकिन जितना भारत इस मामले पर जो़र देता है उतना ही पाकिस्तान में सरबजीत का विरोध बढ़ जाता है.

हाल ही में सरबजीत के वकील को धमकी देने का मामला सामने आया था.

संबंधित समाचार