इटली में होगी नई सरकार की ताजपोशी

Image caption राष्ट्रपति नैप्पोलितानो (दाएं) का कहना है कि एनरिको लेट्टा (बाएं) की सरकार को दोनों सदनों का समर्थन मिलेगा

इटली में रविवार को नई गठबंधन सरकार शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करेगी. आम चुनावों के बाद करीब दो महीने तक चले राजनीतिक गतिरोध के बाद इटली में नई गठबंधन सरकार का गठन हो रहा है.

रोम के क्वीरिनल पैलेस में नए मंत्रिमंडल के सदस्य और प्रधानमंत्री शपथ ग्रहण करेंगे.

इस गठबंधन सरकार में एनरिको लेट्टा की डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडी) और पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की पीपुल ऑफ फ्रीडम पार्टी (पीडीएल) शामिल हैं. राष्ट्रपति जॉर्जो नैप्पोलितानो का कहना है कि यही 'एकमात्र संभावित सरकार' हो सकती थी.

हालांकि संवाददाताओं का कहना है कि इटली की मुख्य दक्षिणंपथी और वामपंथी पार्टियों का यह बड़ा गठबंधन अभूतपूर्व है और इस गठजोड़ को लेकर आशंका बरकरार रहने की पूरी संभावना है.

लेट्टा इटली के नए प्रधानमंत्री होंगे. बर्लुस्कोनी ने कहा है कि वह कोई मंत्री पद नहीं लेंगे लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी के प्रमुख लोगों को बड़े पद दिए जाने की सिफारिश की है.

पीडीएल के सचिव और बर्लुस्कोनी के सबसे क़रीबी राजनीतिक सहयोगी एंजेलिनो अलफ़ानो नई सरकार में उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का पद संभालेंगे. इसके अलावा जिनको बड़े पद देने का प्रस्ताव रखा गया है उनमें बैंक ऑफ इटली के महानिदेशक फैबरिजियो सैकोमान्नी और पूर्व यूरोपियन कमिश्नर एम्मा बोनिनो का नाम शामिल है. सैकोमान्नी को वित्त मंत्री और बोनिनो को विदेश मंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा गया है.

महिलाओं का दबदबा

रोम में बीबीसी संवाददाता बेथाने बेल का कहना है कि लंबी और मुश्किल भरी प्रक्रिया के बाद एक नई सरकार के गठन की घोषणा की गई है.

फरवरी के अनिर्णायक चुनाव के बाद तकरीबन दो महीने तक इटली में राजनीतिक गतिरोध बना रहा. वर्ष 2008 की वैश्विक मंदी के दौरान सबसे पहले प्रभावित होने वाले देशों में यूरोजोन क्षेत्र से इटली था और अब भी वहां आर्थिक स्थिति नाज़ुक है

लेट्टा का कहना है कि नए मंत्रिमंडल में रिकॉर्ड स्तर पर महिलाओं की मौजूदगी है और इसमें पूर्व ईयू कमिश्नर एम्मा बोनिनो का नाम शामिल है जो इटली की पहली महिला विदेश मंत्री होंगी.

राष्ट्रपति नैप्पोलितानो का कहना है कि सरकार को संसद के दोनों सदनों का समर्थन होगा. उनका कहना है, "मैं यह उम्मीद करता हूं कि यह सरकार पूरी निष्पक्षता और निर्विवादित सहयोग के साथ काम करेगी."

रोम में बीबीसी संवाददाता डेविड विली का कहना है कि नई सरकार को देश की आर्थिक चुनौतियों, घटती वृद्धि और बढ़ती बेरोजगारी की समस्या से निपटना पड़ेगा. हालांकि पूर्व सरकार ने मितव्ययिता से जुड़े उपायों को पारित कराया था इसके बावजूद देश में आर्थिक संकट बरकरार है.

संतोषजनक हालात

पीडी में 46 वर्षीय लेट्टा को शांत स्वभाव का माना जाता है और माना जाता है कि बर्लुस्कोनी के साथ उनके ताल्लुकात हैं क्योंकि उनके रिश्तेदार गियान्नी लेट्टा को बर्लुस्कोनी का बेहद क़रीबी सहयोगी माना जाता है.

बर्लुस्कोनी अब भी कर धोखाधड़ी और यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे हैं. लेकिन हाल के ताज़ा ओपिनियन पोल के मुताबिक उनकी लोकप्रियता बढ़ी है और तोल-मोल करने की उनकी ताक़त में भी इज़ाफा हुआ है.

लेट्टा ने नई सरकार की टीम पर संतोष जताया है. उनका कहना है कि वह यूरोप की आर्थिक समस्या का हल निकालने के लिए मितव्ययिता पर जोर देने के बजाय दूसरे उपायों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

लेट्टा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर तब उभर कर सामने आए जब पीडी नेता पेयर लुइजी बेयरसानी ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी और उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह बर्लुस्कोनी के साथ काम नहीं करेंगे.

पूर्व कॉमेडियन बेप्पे ग्रिलो के नेतृत्व वाला फाइव स्टार आंदोलन इटली के चुनाव में तीसरी महत्त्वपूर्ण ताकत बन कर उभरा और ग्रिलो ने दो मुख्य दलों के साथ गठबंधन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.

उन्होंने इस तरह के गठबंधन को भोग विलास का केंद्र बताते हुए कटाक्ष किया. वह परोक्ष रूप से बर्लुस्कोनी की मशहूर निजी पार्टियों का उल्लेख कर रहे थे.

राष्ट्रपति नैप्पोलितानो अभूतपूर्व तरीके से दूसरे कार्यकाल के लिए काम कर रहे हैं और उन्होंने कहा है कि अगर नई सरकार सुधारों को लागू करने में विफल रहती है तो वह इस्तीफा दे सकते हैं.

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