वेनेज़ुएला की संसद में हाथापाई, सांसदों को चोट

Image caption संसद मे हुई मारपीट में चोटिल सांसद जूलियो बोर्गेस

वेनेज़ुएला की संसद में हाल के विवादित राष्ट्रपति चुनावों के मुद्दे पर सांसदों का गुस्सा हाथापाई तक पहुंच गया. इनमें कुछ सांसदों को चोट लगी. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद एक-दूसरे पर झगड़े की शुरुआत करने का आरोप लगा रहे हैं.

आपसी मारपीट का मुख्य कारण अभिव्यक्ति के अधिकार से वंचित करने वाले बयान को माना जा रहा है. जिसमें कहा कि जो सांसद निकोलस माडुरो को राष्ट्रपति स्वीकार नहीं करते, वे संसद में अपनी बात नहीं रख सकते.

वेनेज़ुएला की राष्ट्रीय चुनाव परिषद (सीएनई) ने विपक्ष के प्रत्याशी हेनरिक कैप्रिल्स की वोटों की गिनती फिर से कराने की मांग सिरे से नकार दिया. चुनाव परिषद ने कहा कि माडुरो को 1.49 प्रतिशत मतों से जीत मिली और मतों का अंतर दो लाख पच्चीस हजार से भी कम है.

चुनाव परिषद के अधिकारियों ने अंतिम परिणामों के बारे मे जानकारी सार्वजनिक करते हुए बताया कि कुल मतों के 99.79 प्रतिशत की गिनती हो चुकी है.

पहले के परिणामों के मुताबिक माडुरो को 1.8 प्रतिशत मतों से जीत मिली थी. वे ह्यूगो चावेज़ के उत्तराधिकारी के रुप मे चुनाव लड़ रहे थे.

चुप रहें सांसद

मंगलवार को विपक्ष ने कहा कि इसके कई सांसदों पर संसद की राष्ट्रीय सभा में हमला किया गया. जिनमें से कुछ चोटिल हैं.

उनमें से सांसद जुलियो बोर्गोस एक स्थानीय टीवी चैनल पर दिखे. उनके चेहरे पर चोट के निशान साफ दिखाई पड़ रहे थे. वे कह रहे थे, "वे हमें पीट सकते हैं, जेल भेज सकते हैं, जान से मार सकते हैं. लेकिन हम अपने सिद्धांतों से डिगेंगे नही. इस तरह के हमलों से हमें ताकत मिलती है."

विपक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष डियोसडाडो कैबेलो उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं.

विपक्ष के इस आरोप पर कैबेलो नें विपक्ष के सांसदों से पूछा कि "क्या आप निकोलस माडुरो को राष्ट्रपति स्वीकार करते हैं ? "

एक सदस्य को संवोधित करते हुए कहा कि अगर आप निकोलस माडुरो को राष्ट्रपति नहीं मानते तो संसद में आपको बोलने की अनुमति नही है.

सत्ता पक्ष के सांसदों नें विपक्ष पर झगड़े की शुरुआत करने का आरोप लगाया. सांसद ओडेलिस मोंजो़न ने रॉयटर्स को बताया कि मुझे एक बार फिर से ह्यूगो चावेज़ की विरासत का बचाव करना पड़ा. उन्होने बताया कि संसद में हुई हाथापाई के दौरान उन्हे और उनके साथी सांसदों को पीटा गया.

राष्ट्रपति चुनाव का विवाद

वेनेज़ुएला की राष्ट्रीय चुनाव परिषद (सीएनई) ने 15 अप्रैल को राष्ट्रपति माडुरो को चुनावों में विजयी घोषित किया. उनको 15 अप्रैल को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई.

माडुरो की सीमित अंतर से जीत के बाद विपक्ष के प्रत्याशी हेनरिक कैप्रिल्स ने फिर से वोटों की गिनती कराने की मांग सामने रखी. लेकिन एनसीई ने कहा कि ऐसा करना वैधानिक रुप से लगभग असंभव होगा.

लेकिन सीएनई ने आंशिक ऑडिट पर सहमति जताई और कहा कि इसमे लगभग जून तक का समय लगेगा. इस ऑडिट के दौरान सीएनई 56 प्रतिशत वोटों की फिर से गिनती करेगी.

सोमवार को कैप्रिल्स ने आरोप लगाया कि माडुरो ने अवैध रूप से सत्ता हथिया ली है. संसद में इसी मुद्दे पर सासंदों के बीच हाथापाई और मारपीट की स्थिति बन गई.

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