अमरीका: सीरियाई विद्रोहियों को हथियार देने पर विचार

  • 3 मई 2013
चक हेगल
Image caption अमरीका के रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा है कि विद्रोहियों को हथियार देना एक विकल्प है

अमरीका के रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा है कि ओबामा प्रशासन सीरिया के विद्रोहियों को हथियार सप्लाई करने की बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

ये पहली बार है जब ओबामा प्रशासन के किसी वरिष्ठ शख्सियत ने विद्रोहियों को हथियार दिए जाने की बात इतनी खुलकर कही है.

चक हेगेल ने कहा कि सीरिया में लड़ाई लंबे वक्त से जारी है और अब इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई है कि अमरीका को इस मामले में क्या करना चाहिए.

अमरीकी रक्षा मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि विद्रोहियों को हथियार मुहैया करवाना एक विकल्प है.

पिछले साल राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के विद्रोहियों को हथियार दिए जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. लेकिन फिलहाल मेक्सिको की यात्रा पर गए बराक ओबामा ने भी रक्षा मंत्री की बात की पुष्टि की.

हस्तक्षेप

Image caption सीरिया से हज़ारों की संख्या में शरणार्थी दूसरे देशों की ओर पलायन कर रहे हैं

चक हेगल ने कहा कि अब जबकि अमरीका के पास सीरिया में खून-ख़राबे के सबूत हैं, और “ये बात सामने आ रही है कि शायद रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है, तो मैं समझता हूं कि हमें सभी संभावनाओं पर ग़ौर करना होगा. हमें ये मालूम है कि कुछ देश हैं जो विपक्ष को ख़तरनाक हथियार दे रहे हैं. हमें ये भी मालूम है कि असद हुकूमत को न सिर्फ हथियार मिल रहे हैं बल्कि उसे दूसरे तरह की मदद भी मिल रही है.”

अमरीका के सहयोगी देश जैसे क़तर और सउदी अरब राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोधियो को पहले से ही हथियार दे रहे हैं.

बीबीसी की अमरीका में संवाददाता किम घैटस का कहना है कि हालांकि अमरीकी प्रशासन में बहुत सारे अधिकारी हैं जो अभी भी सीरिया की जंग में सीधे हस्तक्षेप करने के खिलाफ हैं. लेकिन उन्हें लगता भी है कि विद्रोहियों को हथियार देने का मुद्दा दूसरे विकल्पों की अपेक्षा कम ख़तरनाक है.

जब अमरीकी रक्षा मंत्री ने विद्रोहियों को हथियार देने की बात कही तो उनके साथ ब्रितानी विदेश मंत्री फ़िलिप हैमंड भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अभी तक हथियार देने से परहेज करता रहा है.

उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर जो सबूत आए हैं वो उतने पुख्ता नहीं हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को अभी भी इराक़ हमले का वो मामला याद है जब कहा गया था कि वहां विनाश के व्यापक हथियार मौजूद हैं, लेकिन बाद में ये बात ग़लत साबित हुई.

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