अफ़गानिस्तान: बम हमले में पांच अमरीकी सैनिकों की मौत

Image caption 2013 में अब तक चरमपंथी हमलों में 37 अमरीकी सैनिकों की मौत हुई है.

गठबंधन सेना का कहना है कि सड़क के किनारे हुए एक बम धमाके में दक्षिणी अफ़गानिस्तान में तैनात नैटो सेना के पांच अमरीकी सैनिक मारे गए हैं.

इसके अलावा अफ़गानिस्तान के फ़राह प्रांत में एक अफ़गान सैनिक दो नेटो सैनिकों को मार दिया है.

इसी हफ्ते दक्षिणी हेलमंद प्रांत में सड़क के किनारे हुए एक धमाके में तीन ब्रितानी सैनिकों की मौत हो गई थी.

चरमपंथी संगठन तालिबान ने रविवार से नए हमले शुरू कर दिए हैं. संगठन का कहना है कि वो विदेशी सैन्य ठिकानों और राजनयिक इलाकों को निशाना बनाएगा.

नैटो सेना अफगानिस्तान की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय सेना को सौंपने की प्रक्रिया से गुज़र रही है.

कुछ इलाकों में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी अफ़गान सेना को सौंपी भी जा चुकी है. लेकिन अभी भी एक लाख से ज़्यादा नैटो सैनिक अफगानिस्तान में मौजूद हैं और उन्हें 2014 के आखिर से पहले देश छोड़ देना है.

आईईडी से धमाका

अमरीका के नेतृत्व वाली नैटो सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि शनिवार के बम हमले में आईईडी यानि इंप्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस का इस्तेमाल किया गया.

हालांकि नैटो के बयान में धमाके के स्थान और मारे गए सैनिकों की राष्ट्रीयता की जानकारी नहीं दी गई है लेकिन कंधार की पुलिस और एक अज्ञात अमरीकी अधिकारी ने समाचार एजेंसियों को बताया है कि जिन सैनिकों को निशाना बनाया गया वे अमरीकी थे.

इन अमरीकी सैनिकों की मौत के साथ ही साल 2013 में अब तक अफगानिस्तान में तैनात अंतरराष्ट्रीय सेना के 47 सैनिक मारे गए हैं जिनमें 37 अमरीकी हैं.

2014 के आखिर तक अफगानिस्तान में तैनात ज्यादातर नैटो सैनिक देश छोड़ देंगे जब सभी तरह के लड़ाकू अभियान समाप्त हो जाएंगे. हालांकि एक छोटी संख्या में नैटो सैनिक अफगानिस्तान की सेना की मदद के लिए वहां तैनात रखे जाएंगे.

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