जब एक डांसर ने की तख्ता पलटने की कोशिश..

दुनिया में अब तक जितने भी तख्तापलट हुए हैं, उनमें से ये दास्तां सबसे अजीबोगरीब है.ब्रिटिश राजनीतिज्ञों ने इसे "लापरवाह मजाक" कहा था.

तख्तापलट की ये कोशिश की थी बैलेरिना डेम मारगॉट और उनके पनामाई पति ने. इस कोशिश में उनका साथ दिया ब्रिटेन की खूबसूरत मॉडल जुडी टाथम ने. टाथम मारगॉट की दोस्त भी थीं.

50 साल पहले की इस घटना के बारे में टाथम का कहना है,"यह सोच-समझकर नहीं किया गया था. उसने ये सब कुछ मजाक के लिए किया था."

"मारगॉट को लगा कि इस तख्ता पलट के बाद उनके पति देश के राष्ट्रपति हो जाएंगे और वो पनामा की महारानी बन जाएगी. उसकी सोच बेहद रोमांटिक थी. मेरा काम तो अपने दोस्त की मदद करना था."

87 साल की हो चुकी टाथम आज उस तख्तापलट के बारे में आसानी से बात करती हैं. इसके पहले तक वो इस बारे में कम ही बात करती थीं.

केन्द्रीय लंदन के एक सॉलिसिटर के घर पैदा हुई टाथम मानती हैं कि "वो कोशिश रोमांचक तो थी लेकिन थोड़ा डरावनी भी थी." हालांकि उनसे इस बारे में ज्यादा जवाब-तलब नहीं किया गया. इसका श्रेय वो अपने "सभ्य सलीके" को देती हैं.

"चंचल और नासमझ"

यह बात अप्रैल 1959 की है. टाथम खुद मानती हैं कि तब तक वो "चंचल और नासमझ" थीं. वो उस जमाने में न्यूयॉर्क में मॉडलिंग किया करती थीं.

बैलेरिया उस समय अपने पति रोबर्टो टीटो एरियास के साथ उसी शहर में थीं. टीटो पनामा के पूर्व राष्ट्रपति के बेटे थे. उनका परिवार तत्कालीन राष्ट्रपति एरनेस्टो डे ला गार्डिया की तानाशाही सरकार का विरोध कर रहा था.

टाथम बताती हैं कि उन तीनों की मुलाकात न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में सुबह के नाश्ते पर हुई थी. उसी नाश्ते में डेम मारगॉट और एरियास ने उनके सामने एक विचित्र प्रस्ताव रखा था.

बकौल टाथम उन्होंने पूछा था, "क्या तुम मेरे लिए कुछ शर्ट ला सकती हो?" मैंने कहा था कि "हां" क्यों नहीं. टाथम को लग रहा था कि आखिर उन्हें भी मारगॉट के लिए कुछ करने का मौका मिल रहा था.

"कितने शर्ट लाने हैं" मारगॉट ने ये सोचते हुए पूछा कि इन लोगों को अधिक से अधिक दो या तीन की जरूरत होगी. लेकिन टीटो ने कहा कि उसे 500 शर्ट चाहिए.

टीटो की इस मांग से टाथम को आश्चर्य तो हुआ लेकिन उन्होंने इसे जाहिर नहीं किया. उसने पूछा कि शर्ट की साइज क्या होगी? टीटो ने कहा, "छोटे, मध्यम और बडे़ तीनों तरह के चाहिए."

Image caption मारगॉट के साथ उनकी मॉडल दोस्त,टाथम भी तख्तापलट की कोशिश में शामिल थी

टाथम बताती हैं कि तब मारगॉट एक पल के लिए सोचने लगी थी और उसके बाद उसने होटल के चमकदार हरे कालीन की ओर देखते हुए कहा, "इस तरह, और ये खाकी नहीं होना चाहिए."

इतना ही नहीं मारगॉट ने टाथम ये भी कहा कि वो न्यूयॉर्क के पुराने कपड़ा बाजार के लोगों से अपने संपर्क का इस्तेमाल करके एक ही नंबर के भुजबंद की व्यवस्था कर दे ताकि उसे शर्ट के ऊपर लगाया जा सके.

तख्तापलट की कोशिश

टाथम बताती हैं कि तक तक उनकी बातचीत में "क्रांति" का इस्तेमाल नहीं हुआ था. लेकिन उसी बिंदु पर उन्होंने टीटो से पूछा,"अगर तुम्हारे दिमाग में कोई विचार है तो मुझसे साझा कर सकते हो."

बकौल टाथम उन्होंने कहा था,"ईस्टर की छुट्टियां आने वाली हैं इसलिए वो उनकी योजना का हिस्सा होना चाहेंगी."

इसके बाद टीटो ने कहा था, "तुम अपने साथ भुजबंद ला सकती हो."

टाथम ने 500 शर्ट बनवाकर एरियास को सौंप दिए और वो खुद न्यूयॉर्क के पूर्वी हिस्से में किसी जगह पर भुजबंद की व्यवस्था करने चली गई.

जूडी एक तरफ पनामा जाने के लिए सामान तैयार कर रही थी लेकिन उसे कस्टम की निगाह से अपना सामान छिपाकर ले जाने की भी व्यवस्था करनी थी.

आज भी वह इस बात को याद करते हंस पड़ती हैं.

कहानी को आगे बढ़ाने से पहले वो कहती हैं,"मैं न्यूयॉर्क के डिपार्टमेंटल स्टोर के बगल से गुजर रही थी कि तभी मुझे सफाई करने वाले रुमालों के कई बक्से दिखाई पड़ गए. मैंने भी एक खरीद लिया."

इसके बाद टाथम अपना सामान लेकर एअरपोर्ट की ओर चली गईं. किसी को एक खूबसूरत मॉडल से ये पूछने की जरूरत नहीं लगी कि उसे सफाई करने वाले इतने रुमालों की जरूरत क्या है?

Image caption जुटी टाथम ने करीब पांच दशक बाद पनामा तख्तापलट के बारे में बातें की है

पनामा शहर में पहुंचने के बाद वो सीधे एरियास के घर पर गईं. इसके अगले सप्ताह तक डेम मारगॉट कहीं दिखाई नहीं पड़ी. इस दौरान एरियास ने टाथम को उनके देश की सैर करवाई.

पनामा को याद करते हुए टाथम कहती हैं,"वो अविकसित था." उनका कहना है कि उन लोगों ने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया और इसके बाद पार्टी करने चले गए. इस दौरान भी तख्तापलट का जिक्र नहीं हुआ.

पनामा में गिरफ्तारी

टाथम कहती हैं कि उन्होंने सोचा कि इस बारे में बात करना "असभ्यता" होगी. आखिरकार एरियास की बहन रोसारियो ने इस बारे में बात की. बकौल टाथम रोजारियो ने उससे "परेशान न होने के लिए" कहा. रोजारियो का कहना था, "हमारे परिवार का काम ही है तख्तापलट करना."

हालांकि ये कहना अजीब लगेगा लेकिन टाथम का कहना है कि उन्हें खुद नहीं मालूम कि तख्तापलट की योजना में डेम मारगॉट किस हद तक शामिल थीं. उन्हें तो कई साल तक पता ही नहीं चला कि उन शर्टों का क्या हुआ था.

2010 में सामने आई ब्रिटेन की गोपनीय फाइलों से जानकारी मिली है कि ब्रिटेन के राजनीतिज्ञों ने इसे "लापरवाह मजाक" कहा था.

इन फाइलों से पता चलता है कि उस समय पनामा में ब्रिटेन के राजदूत सर इयान हेंडरसन को इस बारे में 21 अप्रैल की सुबह जानकारी मिली थी. उसी वक्त उन्हें डेम मारगॉट के गिरफ्तार होने की खबर भी मिली थी.

उन्हें पनामा शहर में गिरफ्तार किया गया था. कहा गया कि वो एरियास के साथ पनामा की खाड़ी में उसके आलीशान पानी वाले जहाज में हथियार इकट्ठा करने जा रही थी. उनकी योजना एक प्रमुख हाइवे पर कब्जा करने की थी लेकिन स्थानीय मछुआरों ने उन्हें धोखा दे दिया और उन्हें भागना पड़ा था.

माना जाता है कि राजधानी में छात्रों का एक समूह भी विद्रोह के लिए तैयार हो गया था लेकिन समय से पहले ही अधिकारियों को पता चल गया.

इन्हें क्यूबा के फिडेल कास्त्रों की तरफ से सहाता भी दी जानी थी लेकिन वो सहायता भी कभी नहीं पहुंची.

"लापरवाह मजाक"

हैंडरसन ने अपने टेलीग्राम में लिखा था कि वो डेम के व्यवहार से प्रभावित नहीं हुए थे. बकौल हेंडरसन डेम का व्यवहार "किसी भी तरह से ब्रिटेन के अनुरूप नहीं" था. दूतावास के हस्तक्षेप के बाद डेम को हिरासत से मुक्त किया गया और उसे अमरीका भेज दिया गया.

Image caption मारगॉट आखिरकार पनामा में जाकर बस गईं और वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली

इसके बाद एअरपोर्ट पहुंचकर उसने टाथम को फोन किया. टाथम का कहना है कि पनामा में हुई घटनाओं के बारे में वो बताना नहीं चाहती थी. टाथम बताती हैं कि न्यूयॉर्क में मौजूद ब्रिटिश राजनयिकों के कहने पर वो लोग लंदन चले गए.

टाथम बताती हैं कि उन्हें पायलट के दरवाजे से जहाज से बाहर किया गया जबकि डेम प्रेस वालों से बात करने चली गई.

बकौल टाथम उस वक्त के फुटेज से जाना जा सकता है कि किस तरह "विदेश में तख्तापलट की कोशिशों में डेम या उसके पति के शामिल होने" के सवालों पर वो हंस रही थी.

जब एक पत्रकार ने पूछा कि "क्या आप बंदूक रखती हैं?" तो उसने कहा, "मैं इसका जवाब नहीं दूंगी क्योंकि इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं बंदूक रखती हूं या नहीं."

इस घटना के बाद टाथम अमरीका नहीं गईं. उन्होंने अपने दोस्त, फ्लैट और अपनी नौकरी वहीं छोड़ दी. इसके बाद से ही वो डेम से भी अलग हो गईं. इसके बाद दोनों की मुलाकात भी नहीं हुई.

आखिरकार, डेम एरियास के साथ पनामा बसने चली गई जहां उनकी 1991 में मौत हो गई. इस घटना के बाद करीब पांच दशक बीत गए हैं. टाथम एक वक्त उनकी दोस्त रही बैलेरिना डेम के बारे में कड़ी राय आज भी नहीं रखतीं.

वो कहतीं हैं, "वो ये समझती थी कि कोई बात गलत भी हो सकती है. उसके लिए ये सब एक मजाक और एक रोमांच था."

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