तोड़फोड़ की दोषी पाई गई बुजुर्ग नन

Image caption अपने साथियों के साथ 83 साल की सिस्टर मेगन राइस

एक बुजुर्ग नन और दो शांति कार्यकर्ताओं को एक अमरीकी परमाणु रक्षा प्रतिष्ठान में घसुकर तोड़फोड़ कर उसे नुक़सान पहुंचाने का दोषी ठहराया गया है.

अमरीकी राज्य टेनेसी के ओक रिज पर स्थित यूरेनियम भंडारण और संवर्धन केंद्र की बाड़ काटकर घुसने की बात 83 साल की सिस्टर मेगन राइस, 64 साल के माइकल वाली और 56 साल के ग्रेग बोरजे ओबेद ने स्वीकार कर ली है.

पिछले साल जुलाई में हुई इस घटना के बाद संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था.

ज्यूरी ने क़रीब ढाई घंटे तक चली बहस के बाद फैसला सुनाया. परमाणु केंद्र में तोड़फोड़ के आरोप में तीनों लोगों को 20 साल के जेल की सजा हो सकती है.

इस परमाणु केंद्र की स्थापना मैनहट्टन परियोजना के दौरान की गई थी. यहीं पर पहला परमाणु बम बनाया गया था.

सरकारी संपत्ति को नुकसान

इन तीनों को क़रीब एक हज़ार डॉलर यानी की क़रीब 55 हज़ार रुपए की सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने का भी दोषी पाया गया है. इसके लिए इन्हें दस साल तक की सज़ा हो सकती है.

घरों की रंगाई पुताई का काम करने वाले माइकल और ग्रेग बोरजे ओबेद ने ज्यूरी के सदस्यों के सामने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है.

टेनेसी के नॉक्सविलि की एक अदालत में जब सज़ा सुनाई जा रही थी तो वहाँ खड़ी सिस्टर मेगन मुस्करा रहीं थीं. वहीं इस फैसले से आश्चर्यचकित उनके समर्थक सुनकर रोने लगे. न्यायाधीश के जाने के बाद उन्होंने एक भजन गाया.

इनके परमाणु केंद्र में घुसने से वहाँ के कामकाज पर असर पड़ा था. एक अनुमान के मुताबिक़ इससे क़रीब साढ़े आठ हज़ार डॉलर का नुक़सान हुआ था, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी परमाणु सामग्री तक नहीं पहुंच पाए थे.

सुनवाई के अंत में सरकारी वकील ने जेफ़री थियोडोर ने कहा,''हम क़ानून से संचालित एक देश में रहते हैं. आप इस तरह से क़ानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं और किसी पर अपनी बात नहीं थोप सकते हैं.''

इसके विरोध में बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि यह तोड़फोड़ प्रतिकात्मक थी और सुविधाओं को नुक़सान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था.

तोड़फोड़

वकील फ्रांसिस लॉयड ने कहा,''इस संयंत्र की सबसे ख़तरनाक जगहों में से एक की सुरक्षा में हुई चूक की वजह से बहुत से लोगों को शर्मिंदा होना पड़ा था.''

उन्होंने कहा,''आप मेरे पीछे तीन बलि के बकरे देख रहे हैं.''

सिस्टर मेगन ने कहा कि उन्हें अफसोस केवल इस बात का है कि विरोध-प्रदर्शन के लिए उन्हें इतना लंबा इंतजार करना पड़ा. उन्होंने कहा,''यह जो बनाते हैं, वह केवल मौत ही दे सकता है.''

वहीं अदालत को दिए बयान में बोरजे ओबेद ने कहा,''परमाणु हथियार सुरक्षा नहीं दे सकते हैं.हमारी इस कार्रवाई से वास्तविक सुरक्षा मिल रही है और नकली सुरक्षा की कलई खुल रही है.''

इन तीनों कार्यकर्ताओं ने स्वीकार किया कि संयंत्र की बाड़ काटकर वे अंदर घुसे, वहां चारों तरफ टहले, स्प्रे पेंट से लिखा, उस जगह को क्राइम सीन पट्टी यानी उस पट्टी से घेर दिया जिसका इस्तेमाल पुलिस आमतौर पर घटनास्थल को घेरने के लिए करती है, इसके बाद उन्होंने हथोड़े से एक दीवार तोड़ी. तीनों लोग वहाँ क़रीब दो घंटे तक रहे.

उन्होंने बच्चों के दूध पीने वाली बोतल में खून भरकर उसे संयंत्र की दीवार पर छिड़का.जब एक सुरक्षागार्ड ने उन्हें रोका तो उन्होंने उसे खाने की पेशकश की और गाना गाना शुरू कर दिया.

इसकी कांग्रेस और ऊर्जा विभाग ने जांच की और पाया कि वहां का नजारा परेशान करने वाला था.

इसके बाद राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा एजंसी के साथ-साथ उच्च अधिकारियों को नए सिरे से तैनात किया गया.

परमाणु संयंत्र को सुरक्षा प्रदान करने वाली कंपनी डब्लूएसआई को हटा दिया गया और अन्य अधिकारियों को या तो बर्खास्त कर दिया गया या पदावनत या निलंबित.

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