शनिवार को पड़ेंगे वोट, तैयारियां आखिरी दौर में

पाकिस्तान चुनाव

पाकिस्तान में संसद और प्रांतीय असेंबलियों के लिए शनिवार को होने वाले मतदान के लिए तैयारियां आखिरी दौर में हैं.

देश के इतिहास में पहला मौका है जब किसी चुनी हुई सरकार का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हो रहे हैं, और सत्ता लोकतांत्रिक रूप से ही चुनी जाने वाली नई सरकार को सौंपी जाएगी.

हालांकि इस चुनाव पर चरमपंथी संगठन तालिबान का साया लगातार मंडराता रहा.

तालिबान ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी, अवामी नेशनल पार्टी और मुत्तेहिदा क़ौमी मूवमेंट जैसी कई राजनीतिक दलों को खुली धमकी दी थी.

इसीलिए इन तीनों दलों का चुनाव प्रचार दबा-दबा सा रहा. हालांकि कुछ अन्य दलों पर भी हमला किए गए.

चुनाव प्रचार के दौरान कई पार्टियों के दफ्तरों और उम्मीदवारों के परिसरों पर हुए हमलों में 110 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 370 से अधिक घायल हुए.

अपहरण

गुरूवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुल्तान में एक चुनावी रैली के दौरान बंदूक़धारियों ने हमला कर पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बेटे अली हैदर गिलानी को अग़वा कर लिया. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने लाहौर में दिए अपने आख़िरी भाषण में वोटरों से वादा किया, "अगर आप हमें पांच साल का मौक़ा देंगे तो आप देखेंगे कि हम देश की तक़दीर बदलकर रख देंगे."

पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के चेयरमैन इमरान ख़ान ने अस्पताल के बिस्तर से ही वोटरों से वीडियो लिंक से संपर्क साधा. दरअसल वो एक दुर्घटना में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती हैं.

उन्होंने कहा, "ख़ुदा मुझे तब तक नहीं उठाएगा जब तक नया पाकिस्तान नहीं बन जाता."

मतदान प्रतिशत

पीपीपी के युवा नेता बिलावल ज़रदारी भुट्टो भी विडियो लिंक के ज़रिए एक रैली से जुड़े.

उन्होंने कहा कि उनकी मां बेनज़ीर भुट्टो ने देश और लोकतंत्र की ख़ातिर अपनी जान दी थी, उनके पिता आसिफ अली ज़रदारी ने 10 साल जेल में बिताए, और हमेशा कहा कि उनके लिए पाकिस्तान का मुक़ाम सबसे पहले है. "अब ये हम सबका फ़र्ज़ है कि हम इस प्रतिज्ञा को पूरी करें."

चुनावी सर्वेक्षण के मुताबिक़ इस बार वोटिंग का प्रतिशत साल 2008 के चनावों के 44 फ़ीसदी से अधिक होगा.

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने प्रेसाइडिंग अफ़सरों को हिदायत दी है कि वो पॉलिंग स्टेशनों का चार्ज संभालें. उन्हें पहली बार मैजिस्ट्रेट के अधिकार भी दिए गए हैं.

सरकारी टेलीविजन चैनल पीटीवी ने फौज के हवाले से कहा है कि सेना की देखरेख में सत्रह करोड़ 90 लाख मतपत्र मुल्क के अलग-अलग हिस्से में पहुंचाए गए हैं.

शनिवार को आठ करोड़ इकसठ लाख नवासी हज़ार आठ सौ दो मतदाता संसद और प्रांतीय असेंबलियों के लिए चुनाव में उतरे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मत पेटियों में कैद कर देंगे.

मतदाताओं में तीन करोड़ पछहत्तर लाख महिलाएं हैं जबकि पुरूष वोटरों की तादाद चार करोड़ छियासी लाख से अधिक है.

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