पाकिस्तान चुनाव: कराची में धमाका, दो की मौत

Image caption बूढ़े-बुज़ुर्ग भी परिवार वालों की मदद से मतदान केंद्रो पर पहुंचे.

पाकिस्तान के कराची शहर के क़ायदाबाद इलाक़े में अवामी नेशनल पार्टी के कार्यालय के बाहर धमाका हुआ है. हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है जबकि 20 से अधिक घायल हैं.

बलूचिस्तान के बारखान क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर राकेट दाग़े गए हैं.

कराची के धमाके में सिंध असेंबली के उम्मीदवार अमानुल्लाह महसूद समेत कई लोग घायल हुए हैं.

तालिबान की धमकी के साये में हो रहे इस चुनाव में मतदान के दिन हिंसा की ये पहली घटना है.

हालांकि मतदान सुबह नियत समय आठ बजे से शुरू हो गया है और कुछ मतदान केंद्रो को छोड़कर दूसरी जगहों पर लोग आकर वोट डाल रहे हैं और उनमें इसे लेकर भारी उत्साह नज़र आ रहा है.

तकनीकी कारणों से चार क्षेत्रों में मतदान रद्द कर दिया गया है. कई जगह जैसे कराची के एक केंद्र पर बैलट बॉक्स लाने में देरी हो गई है.

लेकिन यूरोपीय संघ से आए चुनाव पर्यवेज्ञकों ने कहा है कि इंतज़ाम पहले की तुलना में बेहतर हैं.

हालांकि हिंसा की छिटपुट घटनाओं की ख़बर आनी जारी है.

बीबीसी संवाददाता रियाज़ सुहैल का कहना है कि फौज और पाकिस्तान रेंजर ने कराची के लोढ़ी इलाक़े को घेरे में ले लिया है जिसके बाद सुबह से जारी फायरिंग रूक गई है.

ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में तालिबान की तरफ़ से पर्चे बांटकर औरतों को वोट न देने की हिदायत दी गई है.

पूरे चुनाव पर तालिबान का साया शुरू से ही मंडराता रहा है. चरमपंथी संगठन ने मतदानत के दिन भी हिंसा की धमकी दे रखी है.

बीबीसी संवाददाता माइक वुलरिज का कहना है कि वोटर लिस्ट पर आठ करोड़ साठ लाख लोगों के नाम शामिल हैं, जो मुल्क की असेंबली और चार सूबों के लिए हो रहे चुनावों में हिस्सा ले सकते हैं.

मतदान शाम पांच बजे तक जारी रहेगा, जिसके फ़ौरन बाद मतगणना का काम शुरू हो जाएगा.

मुल्क के तक़रीबन तीन करोड़ से अधिक युवा मतदाताओं, पूर्व क्रिकेटर से राजनीति में आए इमरान ख़ान की मौजूदगी और तालिबान की खुली धमकी ने इस चुनाव के नतीजों को लेकर ठोस तरीक़े से कुछ कह पाने को मुश्किल बना दिया है.

तालिबान

हालांकि पाकिस्तान के चुनाव पर तालिबान का साया लगातार बना रहा है.

अबतक हुई हिंसा की घटनाओं में 110 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं जबकि 370 घायल हुए हैं.

तालिबान की धमकी की वजह से पाकिस्तान पीपल्स पार्टी सहित कई अन्य दलों का प्रचार सुस्त रहा.

चंद दिनों पहले पीपीपी सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बेटे को अग़वा कर लिया गया था.

इधर ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह के अपर दीर में शुक्रवार रात तालिबान की तरफ़ से पर्चे बांटे गए हैं जिसमें औरतों को वोट न देने की हिदायत दी गई है.

तालिबान ने मतदान के दिन भी हिंसा की धमकी दे रखी है.

बॉयकाट

बलूचिस्तान के बारखान क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर राकेट दाग़े गए हैं.

बलूचिस्तान की आजा़दी की मांग कर रहे संगठनों ने चुनाव के ख़िलाफ़ वहां तीन दिन के हड़ताल का एलान कर रखा है.

कार्यवाहक सूचना और प्रसारण मंत्री आरिफ़ निज़ामी ने बीबीसी संवाददाता इरम अब्बासी से कहा है कि पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान और ईरान से लगी अपनी सीमा को सील कर दिया है.

आरिफ़ निज़ामी ने कहा है कि ऐसा किसी तरह की घूसपैठ को रोकने और सुरक्षा के मद्देनज़र किया गया है.

उन्होंने कहा है कि बार्डर को तीन दिनों तक बंद रखा जाएगा.

पाकिस्तान के चुनावी दंगल में हार-जीत की कहानी ही नहीं.....बीबीसी संवाददाताओं-विश्लेषकों की राय, ट्विटर, फ़ेसबुक पर पल-पल आ रही टिप्पणियाँ, पाक और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर उपलब्ध समग्र जानकारी पाएँ बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर 12 मई को....

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