परदे के पीछे अमरीका-रूस में शीत युद्ध जारी?

Image caption रेयान की गिरफ़्तारी की तस्वीरें रूस में खूब दिखाई गईं

मॉस्को में अमरीकी कूटनयिक रेयान फोगल की गिरफ़्तारी बताती है कि शीत युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है. और कुछ लोगों को लिए तो यह राहत की बात भी है.

अमरीकी दूतावास में तृतीय सचिव रेयान पर जासूसी का गंभीर आरोप है. रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफ़एसबी) का कहना है कि रेयान सीआईए के लिए काम करते थे.

लेकिन उनसे बरामद सामान में कुछ भी खा़स नहीं है. इसमें दो विग हैं, धूप का चश्मा है.

इस सामान की तस्वीरें खींचकर अख़बारों में छपवाई गईं और सरकार समर्थित न्यूज़ चैनल रसिया टुडे ने उन्हें दिखाया.

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में रूसी अध्ययन की निदेशक एंजेला स्टेंट कहती हैं, “यह हास्यास्पद है. ख़ासतौर पर विग- यह बहुत मज़ेदार है. और आप सोचते हैं कि 21वीं सदी में उनके पास कुछ नई चीज़ें होंगी.”

जासूसों पर समझौता

अगर विग पुरानी पड़ गई है तो रूसी सरकार की रणनीति भी. रूसी अधिकारियों ने रेयान को हिरासत में लेकर उन्हें “परसोना नॉन ग्राटा” करार दिया. यानी रूस में उनके बने रहने पर पाबंदी लगा दी गई और देश छोड़ने का फ़रमान सुना दिया.

रेयान पर मीडिया में तूफ़ान ऐसे समय में उठा है जब दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की मुलाकातों की तैयारी चल रही है.

आने वाले कुछ महीने में बराक ओबामा और व्लादीमिर पुतिन को उत्तरी आयरलैंड और रूस में दो बार मिलना है.

हालांकि ऐसा कम ही लोग मानते हैं कि रेयान की गिरफ़्तारी से इन योजनाओं पर कोई फ़र्क पड़ेगा.

लेकिन इस परिस्थिति से अमरीका और रूस के संबंध थोड़े और उलझ गए हैं.

लेकिन इतिहासकारों और रूस के विश्लेषकों को इसमें कुछ भी नया नज़र नहीं आता.

एक-दूसरे के जासूसों को बाहर निकालना और कूटनीतिक कहा-सुनी- ऐसी रणनीति है जो शीत युद्ध के समय से जारी है.

Image caption रेयान फोगल

स्टेंट कहती हैं, “वह कुछ लोगों को निकालते हैं और फिर हम कुछ लोगों को निकाल देते हैं. हालांकि शीत युद्ध को 20 साल बीत चुके हैं लेकिन फिर भी हम एक-दूसरे के प्रति यह बर्ताव जारी रखे हुए हैं.”

हालांकि इस बार किसी रूसी को अमरीका से बाहर नहीं निकाला गया है लेकिन जैसे को तैसा के कई पुराने उदाहरण हैं.

उदाहरण के लिए साल 2010 में वॉशिंगटन और मॉस्को ने जासूसों को लेकर एक समझौता किया.

दस्तूर पुराना है

अन्ना चैपमैन अमरीका में गुप्त रूप से रह रही थीं. अन्ना चैपमैन (न्यूयॉर्क पोस्ट ने उन्हें ‘रेड हॉट ब्यूटी’ कहा था) समेत दस रूसी जासूसों को अमरीका से निकाल दिया गया था.

बदले में रूस ने ऐसे चार कैदियों को देश छोड़ने की इजाज़त दी जिन्हें राजद्रोह का दोषी पाया गया था.

इतिहास का यह एक नाटकीय पल था.

पूर्व सीआईए अधिकारी और अब वाशिंगटन में अंतर्राष्ट्रीय जासूस संग्रहालय के कार्यकारी निदेशक पीटर अर्नेस्ट कहते हैं, “यह एक टीवी कार्यक्रम जैसा था. जिस पर बाद में एक टीवी कार्यक्रम बना भी.”

शीत युद्ध पर आधारित एक कार्यक्रम ‘द अमेरिकन्स’ में केरी रसेल ने अभिनय किया था.

यह टीवी धारावाहिक उन केजीबी जासूसों पर आधारित था जो अमरीका में गुप्त रूप से रह रहे हैं. जनवरी में एफ़एक्स चैनल पर इसका प्रसारण हुआ.

इस हफ्ते कथित सीआईए एजेंट रेयान की मास्को में गिरफ़्तारी भी ऐसी ही लगती है कि जैसे यह टीवी के लिए बनाया गया कार्यक्रम हो.

Image caption अन्ना चैपमैन

इसमें रसिया टीवी पर दिखाई जा रही रेयान की गिरफ़्तारी का फुटेज भी शामिल है.

यह वीडियो पहचाना हुआ लगता है. एक जासूस की विदेश में गिरफ़्तारी या एक अमरीकी राजनियिक पर आरोप अधिकारियों के लिए दस्तूर सा है. एक ऐसा दस्तूर जो सालों में कई बार दोहराया गया है.

यह बात समझ आती है. जासूसी या शासनकला जैसी सूक्ष्म रणनीति का अधिकारी एक वजह से इस्तेमाल करते हैं- क्योंकि वह काम करते हैं.

जैसी मांग, वैसे उपकरण

स्टेंट कहती हैं कि किसी कथित जासूस को बाहर करने के मामले कई बार पहले ही सुलझा लिए जाते हैं और कई बार बाद में.

यह एक जाना पहचाना सिलसिला है और तनाव को कम करने में मददगार होता है. जब सबको पता होता है क्या उम्मीद की जानी चाहिए तो भौगोलिक परिस्थिति स्थिर रह सकती है.

जिस तरह आधुनिक समय की शासन कला कभी कभी पारंपरिक तरीकों पर निर्भर करती है उसी तरह गुप्त सूचनाएं जुटना भी.

पुराने जासूस रेयान के सामान का समर्थन करते हैं. वह कहते हैं कि जासूसी में पुराने ढंग के उपकरण नए परिष्कृत उपकरणों के मुकाबले बेहतर होते हैं.

लोग आपको विग और धूप के चश्मे में आसानी से पहचान नहीं पाते. और यह चीज़ें साथ रखना व्यावहारिक भी है. आप इन्हें चलते हुए भी छुपा सकते है.

रिटायर्ट सीआईए अधिकारी पॉल रेडमंड कहते हैं, “मैं आपको बता दूं कि मॉस्कों में कुछ भी करना बहुत मुश्किल है.”

Image caption केरी रसेल

वह कहते हैं, “आप पर चौबीस घंटे निगरानी रहती है. बाहर निकलने के लिए आपको हर तरह की कोशिश करनी पड़ती है जिसमें वेश बदलना भी शामिल है.”

इसके अलावा सामान्य उपकरण आसानी से हैक हो सकते हैं या पकड़े जा सकते हैं.

अर्नेस्ट कहते हैं, “लोग कह सकते हैं कि ‘ओह क्या यह चीज़ें शीत युद्ध के साथ ही ख़त्म नहीं हो गईं.’ लेकिन इससे पारंपरिक तरीकों को ख़ारिज नहीं किया जा सकता, ख़ासतौर पर अगर स्थितियां उनकी मांग कर रही हों तो.”

विग अच्छे हैं

इस हफ़्ते वाशिंगटन और मॉस्को में अधिकारी रेयान पर हुए विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं.

लेकिन ऐसा नहीं है कि इन घटनाओं से सभी निराश या चकित हैं.

रेडमंड कहते हैं कि 2010 में अमरीका में रूसी जासूसों की “गैरकानूनी” के रूप में मौजूदगी इस बात का संकेत है कि “रूसी अब भी यह कर रहे हैं.”

अमरीका में रूस के विशेषज्ञ इससे सहमत हैं. उनका कहना है कि रूसी अधिकारियों ने अन्य देशों में अपने गुप्तचर अभियान का विस्तार किया है.

स्टेंट कहती हैं, “विदेशों में रूसी जासूसों की हलचलें बढ़ गई हैं.” कुछ लोगों का मानना है कि स्टेंट का सथित सामान- विग, धूप के चश्मे और अन्य चीज़ें अजीब लगती हैं.

लेकिन रेडमेंड के लिए विग और धूप के चश्मे एक अच्छी निशानी है. वह कहते हैं, “यह अच्छी बात है कि अमरीका अब भी गुप्तचर सूचनाएं एकत्र कर रहा है.”

तो शीत युद्ध जारी है. कम से कम रायनयिकों के लिए और यकीनन जासूसों के लिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार