ईरान में 'जासूसी के लिए' दो लोगों को फांसी

  • 19 मई 2013
फांसी का फंदा
Image caption अमरीका और इसराइल पर ईरान अपने यहाँ जासूसी का आरोप लगाता रहा है

ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि इसराइल और अमरीका के लिए जासूसी करने के जुर्म में दो लोगों को फांसी दी गई है.

मोहम्मद हैदरी को पैसे लेकर इसराइली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद के एजेंट को सुरक्षा मामलों और देश से संबंधित गुप्त जानकारियां देने का दोषी पाया गया था.

राजधानी तेहरान के अभियोजक कार्यालय का कहना है कि कुरोस अहमद को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए को ख़ुफ़िया जानकारियां देने का दोषी पाया गया था.

अमरीका और इसराइल पर ईरान अपने यहाँ ख़ुफ़िया अभियान चलाने का आरोप लगाता रहा है.

परमाणु कार्यक्रम

फांसी देने की यह घटना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जारी विवाद के बीच हुई है. ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है, जबकि पश्चिमी देशों को संदेह है कि ईरान इसकी आड़ में परमाणु हथियार बना रहा है.

अभी यह साफ़ नहीं हो पाया है कि हैदरी और अहमदी को कहाँ से गिरफ़्तार किया गया या वे कहाँ काम कर रहे थे.

ईरान की समाचार एजंसी फ़ॉर्स ने ख़बर दी है कि दोनों को तेहरान के रेवोल्यूशनरी कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई थी. इसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने की थी.

ख़बर में कहा गया है कि दोनों पुरुषों को भोर में फ़ांसी पर लटका दिया गया.

इस साल के शुरू में सुप्रीम कोर्ट ने सीआईए के लिए जासूसी करने के आरोप में एक ईरानी-अमरीकी नागरिक आमिर मिरज़ई हेकमती को सुनाई गई फ़ांसी की सज़ा को बदल दिया था.

सज़ा बदलते हुए न्यायाधीशों ने कहा था कि पूरा फ़ैसला नहीं हुआ है. अदालत ने इस मामले की फिर सुनवाई के आदेश दिए थे. हेकमती और अमरीका जासूसी के आरोपों को नकारते रहे हैं.

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