इतिहास में इतना बौना पीएम कभी नहीं हुआ: भाजपा

एक तरफ यूपीए सरकार अपने दूसरे कार्यकाल की चौथी वर्षगांठ पर अपनी उपलब्धियाँ गिनाने की तैयारी कर रही है तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार की कमियां पर निशाना साधने की कोशिश कर रहा है.

यूपीए सरकार बुधवार को सत्ता में नौ साल पूरे कर रही है तो इस दिन मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने महंगाई, भ्रष्टाचार, सुरक्षा और आर्थिक संकट का मुद्दा उठाया है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सरकार पर जमकर हमला बोला.

भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का कहना था कि 'सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है'.

उनका कहना था. "आमतौर पर सरकारें विदेश नीति में सफल रहीं क्योंकि वो राष्ट्रीय हित में ही नीतियाँ बनाती हैं लेकिन ये पहली सरकार है जो विदेश नीति के मामले में भी फेल रही है."

'फेल यूपीए सरकार'

उनका कहना था, ''पहली बार है कि मालदीव जैसा छोटा देश भारत को आंखें दिखाता है. श्रीलंका हमारा पड़ोसी देश है, अच्छा देश है लेकिन हम अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके तमिल भाइयों की जायज मांग मनवाने में भी असमर्थ रहे हैं. पहली बार है कि चीन के साथ एलएसी का मामला सुलझाने में इतना वक्त लगा और वो चीनी प्रधानमंत्री की यात्रा थी जो ये मुद्दा सुलझ गया. अगर ये यात्रा न होती तो पता नहीं ये सुलझ भी पाता या नही.''

महिलाओं की असुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों की बाढ़ आ गई है. किसी शासनकाल में इतने महिला सुरक्षा के मामले नहीं आए हैं तो ऐसे में किस बात का सरकार जश्न मना रही है.

भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा कि हाल ही में किए गए जनमत सर्वेक्षण ये स्पष्ट संकेत देते है कि यूपीए और कांग्रेस की लोकप्रियता घट रही है.

प्रधानमंत्री पर हमला

Image caption विपक्ष ने मंहगाई, विदेश नीति और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की

उनका कहना था, ''कभी इतिहास में नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री के पद को इतना छोटा और बौना कर दिया जाए. राजनीतिक और नीति के मामले में यूपीए अध्यक्ष को देखते हैं, अंतिम शब्द उनका है, भविष्य के नेतृत्व के लिए किसी और की तरफ देखते हैं जैसे प्रधानमंत्री का राजनीतिक रोल सरकार के अंदर ही नहीं बचा है.''

परोक्ष रूप से एनडीए की नीतियों को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि जब यूपीए सत्ता में आई थी तो उसे विरासत में ऐसी अर्थव्यवस्था मिली जो फलफूल रही थी, ऐसे में उसके कुछ साल चल गए क्योंकि पुरानी नीतियों का प्रभाव था.

अरुण जेटली का कहना था कि इस सरकार की केवल एक उपलब्धि है और वो ये कि उसने सीबीआई के दुरुपयोग से चार साल का कार्यकाल पूरा किया है.

यूपीए का रिपोर्ट कार्ड

विपक्ष की ओर से भ्रष्टाचार और शासन की कमी के हमले झेल रही यूपीए सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के चौथे साल पर रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी जिसमें उसकी उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा.

माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह ही प्रधानमंत्री ने अपनी सहयोगी पार्टियों को रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया. ये समझा जा रहा है कि सरकार गरीबों और सुधार के लिए उठाए गए कदमों जैसे- खाद्य सुरक्षा बिल और भूमि अधिग्रहण बिल को प्रमुखता से पेश करने की कोशिश करेगी.

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