धमाकों के बाद रुकी बॉस्टन मैराथन पूरी हुई

अप्रैल महीने में बम धमाकों की वजह से अधूरी रही बॉस्टन मैराथन शनिवार को पूरी हुई.

हज़ारों धावकों ने एक मील दौड़कर मैराथन को पूरा किया जो 15 अप्रैल को दो बम धमाकों की वजह से बीच में रोकनी पड़ी थी.

मैराथन की अंतिम मील की दौड़ को ‘वन रन’ नाम दिया गया और इसका स्लोगन था, ‘वी विल गेट ओवर फिनिश’ यानी ‘हम अपनी दौड़ पूरी करेंगे.’

दौड़ की अंतिम रेखा के नज़दीक हुए बम धमाकों में मारे गए तीन लोगों और कुछ दिन बाद धमाकों के लिए ज़िम्मेदार माने जाने वाले दो भाईयों के हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों की याद में धावकों के हाथ में दो अमरीकी और एक चीनी झंडा था.

धमाकों के लिए ज़िम्मेदार एक हमलावर पुलिस की गोलीबारी में मारा गया था जबकि दूसरे ज़ोखर सारनाएव, को पकड़ लिया गया था.

पिछले सप्ताह अमरीकी मीडिया की ख़बरों के मुताबिक ज़ोखर सारनाएव ने उस नाव में एक संदेश लिखा था जिससे उसे पकड़ा गया था. इस संदेश में लिखा था कि बॉस्टन बम धमाके अमरीका की अगुआई में हुए इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान युद्धों का बदला थे और धमाकों में मारे गए लोग ‘कोलैटरल डैमेज’ यानी युद्ध के दौरान हुआ नुक्सान थे.

'मैराथन ख़त्म करने का मौका'

वन रन की प्रवक्ता कैथलीन मैक्गॉनागल ने कहा कि ये आयोजन 15 अप्रैल के हमले में मारे गए लोगों और उसके बाद काम करने वाले राहतकर्मियों के सम्मान में था.

उन्होंने कहा, “जिन धावकों को उस दिन मैराथन ख़त्म करने का मौका नहीं मिला था, उनके लिए आज वो आखिरी मील दौड़ने का मौका है.”

इस दौड़ के आयोजक एलैन फेरी ने एसोसिएटिड प्रैस को बताया, “इस सड़क पर दौड़ना और लोगों को हौसलाअफ़ज़ाई करते देखना बहुत भावुक एहसास था.”

रविवार को मशहूर इंडियानापोलिस मोटर स्पीडवे पर 35 और धावक दौड़ेंगे और मैराथन पूरी करेंगे.

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