ड्रोन हमले में शीर्ष तालिबान कमांडर 'मारे गए'

Image caption वली-उर रहमान पाकिस्तानी तालिबान के दूसरे सबसे शीर्ष कमांडर थे.

एक वरिष्ठ तालिबान सूत्र ने बीबीसी को बताया कि बुधवार को हुए कथित अमरीकी ड्रोन हमले में पाकिस्तानी तालिबान के एक शीर्ष कमांडर वली-उर रहमान की मौत हो गई है.

वली-उर रहमान पाकिस्तानी तालिबान के दूसरे सबसे शीर्ष कमांडर थे.

तालिबान सूत्रों ने बीबीसी से बातचीत में वली-उर रहमान के मारे जाने की पुष्टि की है, हालांकि अमरीका की तरफ से अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

हमले के बाद पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने कहा था कि ड्रोन हमले में मारे गए लोगों में से एक तालिबान कमांडर भी है.

ये हमला बुधवार की सुबह पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के मीरानशाह इलाके के पास हुआ.

पिछले छह हफ्तों में पाकिस्तान में कोई ड्रोन हमला नहीं हुआ था.

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब पिछले हफ्ते अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ड्रोन हमलों से जुड़े दिशानिर्देशों को थोड़ा सख्त करने का आदेश दिया था.

'राहत की बात'

Image caption अफगानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा तालिबान चरमपंथी गुटों का गढ़ है

मीरानशाह इलाके के एक वरिष्ठ तालिबान सूत्र ने बीबीसी को बताया कि मारे गए लोगों में वली-उर रहमान भी शामिल थे, जो पाकिस्तानी तालिबान के कमांडर नंबर दो थे.

पेशावर से वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक रहीमुल्ला यूसुफजई ने बीबीसी को बताया, “वली-उर रहमान की मौत पाकिस्तानी सरकार और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए राहत की बात होगी क्योंकि तहरीके तालिबान और वली उर-रहमान की असल जंग पाकिस्तान और इसकी सेना से हो रही है.”

यूसुफजई के अनुसार पहले तहरीके तालिबान की कुछ तवज्जो अफगानिस्तान पर थी, लेकिन हाल वर्षों से उनका पूरा ध्यान पाकिस्तान पर है. इसकी वजह उनके खिलाफ सेना की कार्रवाई और लगातार हो रहे ड्रोन हमले हैं. ज्यादातर लोग वली-उर रहमान को पाकिस्तान के लिए खतरा मानते हैं.

हालांकि ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान में आम चुनावों के बाद पीएमएल(एन) की नई सरकार बनने जा रही है. पीएमएल(एन) ने तालिबान के साथ बातचीत का संकेत दिया है और तहरीके तालिबान की तरफ से इसका स्वागत भी किया गया है.

लेकिन ये देखना बाकी है कि वली-उर रहमान की मौत के बाद तालिबान बातचीत के प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देता है.

इनामी कमांडर

अमरीकी सरकार ने वली-उर रहमान पर पचास लाख डॉलर का इनाम रखा था और उन पर आरोप लगाया था कि वे अफगानिस्तान में सैनिकों पर हमले के ज़िम्मेदार थे.

2009 में एक अमरीकी बेस पर हुए हमले का भी इल्ज़ाम उन्हीं पर था. इस हमले में अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए के सात एजेंट मारे गए थे.

इससे पहले दो बार ऐसा हुआ है कि वली-उर रहमान की ड्रोन हमले में मौत की खबर सामने आईं, लेकिन वे गलत साबित हुई.

ड्रोन हमलों का मुद्दा हाल के पाकिस्तान चुनावों में एक बड़ा मुद्दा था.

हालांकि शुरू में पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों का विरोध नहीं किया, लेकिन पिछले कुछ सालों में वहां की हुकूमत ने इसे अपनी संप्रभुता उल्लंघन करार देना शुरू कर दिया.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस हमले की निंदा करते हुए समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बयान दिया कि ये हमला पाकिस्तान के संप्रभुता पर हमला है.

'जारी रहेंगे ड्रोन हमले'

Image caption हाल ही में बराक ओबामा ने ड्रोन हमलों की कवायद की थी

स्थानीय लोगों ने बीबीसी को बताया कि जिस इलाके में ड्रोन हमला हुआ उसे वो पाकिस्तानी लड़ाकू इस्तेमाल कर रहे थे जो 2009 में दक्षिणी वज़ीरिस्तान से वहां आए थे.

बीबीसी संवाददाता इलियास खान का कहना है कि पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ होने वाले ड्रोन हमलों का पाकिस्तानी अधिकारी स्वागत करेंगें क्योंकि ये गुट पिछले कुछ सालों से पाकिस्तानी सेना व आम जनता को निशाना बनाता आ रहा है.

पाकिस्तान में 11 मई को हुए आम चुनावों के बाद ये पहला ड्रोन हमला है.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि ये हमला अमरीका का इशारा है कि कबायली इलाकों में ‘जायज़’ ड्रोन हमले अभी जारी रहेंगें.

पिछले हफ्ते ओबामा ने ड्रोन हमलों को सिर्फ युद्ध के लिए इस्तेमाल करने को सही ठहराया था. हालांकि उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन हमलों में आम लोगों की मौत न हो.

अफगानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा पर कई स्थानीय व अफगानी चरमपंथी गुटों का गढ़ है, जिनमें कुछ ऐसे गुट भी शामिल हैं जिनके तार अल-कायदा से जुड़े हैं.

उत्तरी वज़ीरिस्तान में तालिबान से न निपट पाने के लिए अमरीका पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों को ज़िम्मेदार ठहराता रहा है.

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