बेटे ने माँ को 20 साल बाद जंगल में तलाशा

डेविड गुड के पिता केनेथ अमरीकी मानवविज्ञानी थे जबकि उनकी माँ, यरिमा एक कब़ीलाई महिला थी.

70 के दशक में केनेथ यनोमामी जनजाति पर अध्ययन कर रहे थे. इसके लिए वो अमेज़न के जंगलों में रह रहे यनोमामी क़बीले के पास गए जहां उनकी मुलाक़ात यरिमा से हुई.

पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्यार और फिर शादी. कुछ समय बाद इन दोनों को एक बच्चा हुआ जिसका नाम रखा गया डेविड.

ये अपनी तरह की अनूठी शादी थी. डेविड के पिता पढ़े-लिखे, आधुनिक सभ्य और अमरीका के निवासी थे तो उनकी मां कब़ीले से आती थीं.

उस कब़ीले से जहां लोग कपड़े भी नहीं पहनते थे.

इसके बारे में डेविड बताते हैं कि जिस समय शादी हुई मेरे पिता की उम्र क़रीब 30 की थी जबकि मेरी मां यरिमा 16-18 के बीच थीं.

डेविड के पैदा होने के बाद केनेथ अपनी पत्नी यरिमा को लेकर पेन्सिलवेनिया, अमरीका लेकर चले गए.

लेकिन यरिमा अपनी नई ज़िंदगी से तालमेल नहीं बिठा सकी.

Image caption अपनी युवावस्था में कुछ इसी तरह दिखती थीं यरिना

डेविड बताते हैं कि उनकी मां को कपड़े पहनने की आदत नहीं थी.

एक दिन वो ऐसे ही बिना कपड़े पहने ही बाहर घूमने चली गई. इसके बाद मेरे पिता को उन्हें समझाना पड़ा कि ये दुनिया उनकी पिछली दुनिया से अलग थी.

जंगल लौट गई मां

बीबीसी से बात करते हुए डेविड ने बताया कि जब वो पांच साल के थे तब उनकी मां उन्हें छोड़कर फिर से जंगलों में वापस चली गई थी.

उनका कहना था, ''मेरी मां अमेज़न के जंगलों से निकलकर जहां कि उनकी पूरी दुनिया सिमटी हुई थी, पहली बार अमरीका पहुंची थी. जाहिर है उन्हें दिक़्क़त होनी थी.''

हालांकि डेविड ये भी कहते हैं कि धीरे-धीरे उनकी मां ने खुद को नए माहौल में ढाल लिया था. वो थोड़ी-बहुत अंग्रेज़ी जानने लगी थी और उन्हें शॉपिंग में मज़ा आता था.

शुरुआती अनुभव को याद करते हुए वो कहते हैं, "जब वो कार की आवाज़ सुनती थीं तब वो डर जाती थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि कार जानवर है."

प्राचीन सभ्यता

डेविड बताते हैं कि यनोमामी लोगों की संसकृति काफ़ी पुरानी है.

जिस समय उनके पिता वहां रहकर काम कर रहे थे वहां के लोग जंगलों के सहारे ही जीवन व्यतीत करते थे.

Image caption बचपन के कुछ साल डेविड ने अपनी मां के साथ अमेज़न के जंगलों में ही व्यतीत किया था.

वो लोग तीर धनुष और बांस की बल्लियों से शिकार करते थे.

ज़्यादातर लोग कमर के ऊपर कुछ नहीं पहनते थे. महिलाएं कमर के नीचे स्कर्ट पहनती थीं.

बक़ौल डेविड उनके पिता केनेथ को यनोमामी लोगों की सरलता और तनाव मुक्त होना पसंद आया था.

कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आरोप लगाते हैं कि केनेथ ने उनकी मां का शोषण किया था लेकिन डेविड ऐसा नहीं मानते.

वो कहते हैं कि ये शादी प्रेम संबंध पर आधारित थी. पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्यार हुआ फिर इसके बाद शादी हुई थी.

केनेथ अमरीका के रहने वाले थे. पढ़े-लिखे थे और आधुनिक थे जबकि उनकी मां आधुनिक सभ्यता से कोसों दूर थीं.

डेविड बताते हैं कि उनके पिता केनेथ ने यनोमामी लोगों की भाषा भी सीखी थी.

जंगल से जंगल तक

डेविड आज भले ही अमरीका में रहते हैं लेकिन उनके बचपन के शुरुआती साल अमेज़न के जंगल में बीते हैं.

जब वो अमरीका लौटे तो परिवर्तन उनके लिए भी आसान न था.

इसके बाद जब वो पांच साल के थे तब उनकी मां उन्हें छोड़कर एक बार फिर से अपने गांव लौट गई.

Image caption कुछ समय तक अमरीका में रहने के बाद यरीना ने काम चलाऊ अंग्रेज़ी भी सीख ली थी और वो कपड़े भी पहनने लगीं थीं.

डेविड कहते हैं हो सकता है उन्हें अपनी मां और दूसरे लोगों की याद आ रही होगी.

तो इस यात्रा की शुरुआत कैसे हुई ये पूछे जाने पर डेविड कहते हैं उन्होंने हर दिन अपनी मां को याद किया.

जब उन्होंने अपनी मां को खोजने का फ़ैसला किया तो उसे पूरा होने में दो साल लगे. उनके पिता ने भी उनका साथ दिया.

डेविड कहते हैं, "मैं किसी दोस्त के घर ठहरने नहीं जा रहा था. मैं अमेज़न के जंगलों में जा रहा था और निश्चित रूप से इसे लेकर थोड़ा डर था."

इसके अलावा दूसरी समस्या उस देश के अधिकारियों को समझाने की थी कि मैं यनोमामी का ही हूं.

अमेज़न के जंगलो में अंदर तक घुसने के लिए कई तरह की औपचारिकताएं करनी पड़ती हैं.

...और मिल गई मां

आख़िरकार डेविड सारी बाधाओं को पार करते हुए अपनी मां के गांव पहुंच ही गए. उनके साथ एक अनुवादक भी थीं.

Image caption 70 के दशक में मानवविज्ञानी केनेथ काम करने के लिए यनमामी गए थे.

वो बताते हैं कि वो लम्हा सबसे भावुक था जब वो अपनी मां से मिले.

बक़ौल डेविड, "मां कांप रही थी. जबकि मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं. मैं चाहता था कि मैं उनका आलिंगन करूं लेकिन ये यनोमामी लोगों का तरीक़ा नहीं था. फिर अचानक मैं अंग्रेज़ी में बात करने लगा... मुझे अपने बचपन के दिन याद आ गए और मैं रोने लगा."

पूरे 20 साल बाद मैं अपनी मां से मिल रहा था. लोग आलोचना करते हैं कि वो मुझे छोड़कर चली गईं थीं लेकिन मैं उनकी परवाह नहीं करता.

जब भावनाओं का तूफ़ान उमड़कर समाप्त हो गया तो डेविड से उनकी मां ने घर का हालचाल पूछा.

तो क्या अतीत के बारे में बात नहीं हुई. डेविड कहते हैं, 'नहीं.'

अनुवादक की सहायता से मां ने केवल ये पूछा कि दूसरे लोग कैसे हैं. क्या सब लोग ठीक हैं. बस इतना ही.

वो कहते हैं यनोमामी जनजाति के लोग अतीत के बारे में कम से कम बात करते हैं.

वो वर्तमान में जीना पसंद करते हैं. मां से मिलने के बाद डेविड ने परिवार के दूसरे सदस्यों से भी मुलाक़ात की.

अपनी मां के साथ वो तीन महीनों तक उनके गांव में रहे. इसके बाद वो वापस अमरीका लौट गए.

ये पूछे जाने पर कि क्या वो अपने पिता की तरह वापस जाकर वहीं रहना चाहते है वो कहते हैं, "अभी नहीं लेकिन हां, मैं जल्द ही वहां फिर से जाऊंगा."

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