सीरियाई सेना का क़ुसैर शहर पर फिर क़ब्ज़ा

Image caption सीरिया में 80,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 15 लाख लोगों ने देश छोड़ दिया है.

सीरिया में सरकार का साथ दे रही ताक़तों ने सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण शहर क़ुसैर को दो हफ्तों की घमासान लड़ाई के बाद दोबारा क़ब्ज़े में ले लिया है.

विपक्षी गुटों का कहना है कि वो उत्तर स्थित गाँवों की ओर वापस चले गए हैं. सीरिया की सरकारी मीडिया ने कहा है कि सरकारी सेनाओं और उनका साथ दे रहे हिज्बुल्लाह के लड़ाके शहर के केंद्र तक पहुँच गए हैं.

सीरिया के सरकारी टेलीविज़न पर दिखाई जा रही तस्वीरों में क़ुसैर किसी भूतहा शहर की तरह लग रहा था. टीवी चैनल पर चल रही रिपोर्टों में इसे सरकार के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी बताया गया.

क़ुसैर शहर लेबनान सीमा से लगा हुआ सीरियाई शहर है और उन रास्तों के नज़दीक़ है जहाँ से सरकारी सेनाओं और विपक्षी गुटों के लिए ज़रूरी सामान की आपूर्ति होती है.

क़ुसैर से एक सीरियाई कमांडर ने टीवी चैनल को बताया कि उनकी सेना ने कथित सशस्त्र आतंकियों को बाहर खदेड़ दिया है. उन्होंने लोगों से क़ुसैर वापस आने की अपील की.

उन्होंने कहा, “हम घोषणा करते हैं कि क़ुसैर पूरी तरह सुरक्षित है और यहाँ सशस्त्र आतंकी मौजूद नहीं हैं. इसी के साथ हम क़ुसैर में रहने वाले लोगों से अपील करेंगे कि वो वापस घर लौट आएं. सीरिया अरब सरकार के बहादुर सैनिकों, राष्ट्रीय सुरक्षा सेना और प्रमुख समितियों ने शहर से सशस्त्र आतंकियों को बाहर खदेड़ दिया है.”

नियंत्रण

Image caption कुसैर की जनसंख्या करीब 30,000 के करीब है

अंतरराष्ट्रीय रेड़क्रॉस की प्रवक्ता रीमा कमाल ने बीबीसी कार्यक्रम 'वर्ल्ड हैव योर से' से बातचीत में कहा कि उनकी संस्था को भी ऐसा लगता है कि ये शहर सीरियाई सरकार के नियंत्रण में आ गया है.

रीमा कमाल के अनुसार उन्हें क़ुसैर से सुबह से ही ऐसी रिपोर्टें मिल रही हैं कि वहाँ मिलिट्री ऑपरेशन ख़त्म हो गया है.

उन्होंने कहा, “हमें ऐसी भी रिपोर्टें मिली हैं कि विपक्षी गुट क़ुसैर से बाहर चले गए हैं. यानि ये शहर सीरियाई सरकार के हाथ चला गया है और विपक्षी गुटों ने शहर छोड़ दिया है.”

रीमा कमाल ने कहा कि रेड क्रॉस की पहुँच क़ुसैर तक नहीं हो पाई है. रीमा ने कहा कि उन्हे क़ुसैर में बचे लोगों की हालत को लेकर चिंता है.

रीमा के मुताबिक़ उनकी संस्था की पहुँच क़ुसैर शहर तक नहीं है और वहाँ से मिल रही जानकारी के अनुसार क़ुसैर की हालत बहुत ख़राब है.

उन्होंने कहा, “वहाँ से कई सौ लोगों के घायल होने की ख़बर आ रही है जिन्हें चिकित्सीय मदद नहीं मिल पा रही है. क़ुसैर से खाना, पानी और दवाइयों की भारी कमी हो जाने की रिपोर्टें मिल ररही हैं.”

महत्व

Image caption कुसैर में खाना, पानी और दवाइयों की भारी कमी है

क़ुसैर की जनसंख्या क़रीब है और यहाँ के क़रीब 23 गाँवों में लेबनान के शिया रहते हैं.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ पिछले कुछ दिनों में क़रीब 10,000 लोगों ने आसपास के इलाक़ों में शरण ली है.

लेबनान की राजधानी में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम म्योर ने कहा कि हालाँकि क़ुसैर के उत्तर में अभी भी कुछ इलाक़ों में विद्रोही मौजूद हैं, सरकार इसे महत्वपूर्ण जीत की तरह प्रस्तुत कर रही है.

इस जीत का महत्व इसलिए भी है क्योंकि सीरिया शांति वार्ता शुरू होने से पहले कोई भी पक्ष बातचीत में कमज़ोर नहीं दिखना चाहता.

कई देशों के बीच अभी भी शांति वार्ता की तारीख़ को लेकर बातचीत चल रही है.

वर्ष 2011 में जबसे राष्ट्रपति असद के ख़िलाफ़ विद्रोह शुरू हुआ है, सीरिया में 80,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 15 लाख लोगों ने देश छोड़ दिया है.

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