अफ़ग़ानों के हत्यारे को मौत नहीं!

  • 6 जून 2013
रॉबर्ट बेल्स अफ़ग़ानी नागरिकों की हत्या क़ुबूली है

अमरीकी सार्जेन्ट रॉबर्ट बेल्स ने 16 अफ़ग़ानी नागरिकों की हत्या क़ुबूल करके ख़ुद को मौत की सज़ा से बचाने का इंतज़ाम कर लिया है.

इससे पहले बेल्स ने कोर्ट के सामने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा था कि “इस दुनिया में ऐसा कोई अच्छा कारण नहीं हो सकता जो ये समझा सके कि मैने ऐसा क्यों किया”.

मौत की सज़ा से बचने के लिए रॉबर्ट बेल्स ने जॉएंट बेस लुई मैक्कॉर्ड अदालत के सामने इक़बालिया बयान देते हुए कहा कि 11 मार्च 2012 की सुबह वो कंदहार प्रांत में अमरीकी पोस्ट से बाहर निकला और दो नज़दीकी गांवों पर हमला कर दिया.

बेल्स के मामले की सुनवाई कर रही अदालत को अब यह फ़ैसला लेना है कि उसके आजीवन कारावास में परोल शामिल होगी या नहीं.

ये सुनवाई 19 अगस्त को होगी.

गै़र क़ानूनी हत्याएं

इस मामले की सुनवाई करते हुए जज ने कर्नल जेफ़री नैन्स ने बेल्स से सवाल किया कि आख़िर वो क्यों मानते हैं कि वो गुनाहगार हैं.

इस सवाल के जवाब में सार्जेन्ट बेल्स ने एक बयान पढ़ते हुए कहा “मैं अपना पोस्ट छोड़ कर पास के गांव अल्कोज़ई गया.वहां मैने एक महिला को देखा और उसे मारने का मन बना लिया.मैने उसे मारा औऱ ये बिल्कुल ग़ैर-क़ानूनी हत्या थी.”

हत्या के बाद मृत शरीरों को जलाए जाने के सवाल पर सार्जेन्ट बेल्स ने कहा कि “इस हत्याकांड के बाद यही करना बेहतर लगा.”

हालांकि बेल्स के वक़ील जॉन हेनरी का कहना है कि इस हत्याकांड के बाद वो बिल्कुल टूट गया था.

अफ़ग़ानिस्तान में असंतोष

बेल्स के वक़ील का कहना है कि वो हत्याकांड ने उसे तोड़ दिया

इस हत्याकांड में मारे गए कुल 16 लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल थे.इनमें से ज़्यादातर को सिर पर गोली मारी गई और बाद में शवों को इक्ट्ठा कर जला दिया गया.

हत्याओं के दोषी सार्जेन्ट रॉबर्ट बेल्स के फ़ासी की सज़ा से बचने की ख़बर पर मरने वालों के परिवारजनों ने गहरा रोष जताया है.

इस हमले में अपने रिश्तेदारों को खोने वाले हाजी अब्दुल बाक़ी ने बीबीसी अफ़ग़ान से कहा कि “जब तक उसे फ़ासी पर चढ़ाया नहीं जाता हमें शांति नहीं मिलेगी.वो उसे फ़ासी की सज़ा ना देकर अपनी ताक़त दिखा रहे हैं.उसने हमारे 16 लोगों को शहीद कर दिया लेकिन उस एक गुनाहगार को सज़ा नहीं दी जा रही है.क्या वो हमें माफ़ कर देते अगर हम 16 अमरीकियों को मार डालते.”

हालांकि प्रतिपक्षी का कहना है कि वो बेल्स के लिए

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