पाकिस्तान की चेतावनी के बावजूद फिर ड्रोन हमला

Image caption ड्रोन हमलों में पाकिस्तान में अब तक तीन हज़ार से भी ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं

पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक संदिग्ध अमरीकी ड्रोन हमले में कम से कम सात लोगों के मारे जाने की खबर है.

अफ़ग़ान सीमा से लगे उत्तरी वज़ीरिस्तान के कबायली इलाक़े के एक गांव में दो मिसाइलों ने एक परिसर को निशाना बनाया.

नवाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद सँभालने के बाद ड्रोन हमलों को तत्काल बंद करने की मांग की थी. इस अपील के बाद ये पहला हमला है.

वहीं पिछले महीने अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संदिग्ध चरमपंथियों के ख़िलाफ़ ड्रोन हमलों को लेकर सख़्त नियमों की घोषणा की थी.

उत्तरी वज़ीरिस्तान की घटना

बताया जा रहा है कि मिसाइलों ने उत्तरी वज़ीरिस्तान के प्रमुख शहर से सौ मीटर दूर शावल घाटी के सुदूर गांव शोखेल को अपना निशाना बनाया.

( ड्रोन हमले पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन: नवाज़ शरीफ़)

बेहद अशांत रहने वाला ये इलाक़ा अल-क़ायदा और तालिबान चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है.

हालांकि ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले में मुख्य निशाना कौन था, लेकिन इस इलाक़े में कई चरमपंथी समूहों के ठिकाने हैं. इनमें पाकिस्तान तालिबान के ठिकाने भी शामिल हैं जिसके उपनेता की पिछले हफ्ते हुए ड्रोन हमले मौत हो गई थी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ड्रोन हमलों का समय पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री के लिए मुश्किलों भरा हो सकता है.

इसी हफ़्ते की शुरुआत में नवाज़ शरीफ़ ने कहा था कि पाकिस्तान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए और इसके लिए ज़रूरी है कि अमरीकी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति बनाई जाई.

चेतावनी

नवाज़ शरीफ़ ने नव-निर्वाचित सांसदों को संबोधित करते हुए कहा था, “हमें अपने बारे में अमरीकियों की चिंता को समझना चाहिए और उनके सामने अपनी चिंता रखनी चाहिए. साथ ही इस मुद्दे को सुलझाने के लिए रास्ते तलाशने होंगे.”

उनका कहना था, “हर दिन हो रहे ड्रोन हमलों को बंद करना होगा.”

Image caption नवाज़ शरीफ़ ने हाल ही में तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली

नवाज़ शरीफ़ ने हाल ही में तीसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है.

पाकिस्तान में ड्रोन हमलों का मुद्दा बेहद विवादास्पद मुद्दा है. सरकार के लोग और सेना अक्सर सरकार पर इसे गंभीरता से न लेने का आरोप लगाती रही हैं.

ऐसा अनुमान है कि साल 2004 से लेकर 2013 तक अमरीकी ड्रोन हमले में पाकिस्तान में करीब 3,460 लोग मारे जा चुके हैं.

इनमें से करीब 890 लोग आम नागरिक थे और इनमें से ज़्यादातर ड्रोन हमले ओबामा सरकार के कार्यकाल में किए गए.

इसी साल मई महीने में अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा था कि ड्रोन हमले चरमपंथियों के खिलाफ़ कानूनी अभियान के हिस्से हैं. ओबामा ने ड्रोन हमलों में लोगों के मरने को कानूनी बताया था.

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