'अफ़ग़ान तालिबान ने' दो बच्चों के सिर काटे

तालिबान
Image caption तालिबान ने इस घटना के पीछे हाथ होने से इनकार किया है.

दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान के कंधार प्रांत के सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि तालिबान ने दो बच्चों के सिर कलम कर दिए हैं.

दस और 16 साल के यह बच्चे कचरे के डिब्बों में खाना तलाश कर रहे थे जब उनका अपहरण कर लिया गया.

यह बच्चे अक्सर स्थानीय पुलिसवालों से खाने की चीज़ें लिया करते थे.

जानकारों का कहना है कि तालिबान उन लोगों को ज़रूर निशाना बनाते हैं जिन पर उन्हें पुलिस को मदद पहुंचाने का शक होता है. हालाँकि तालिबान ने इस घटना के पीछे हाथ होने से इनकार किया है. तालिबान के प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ ने बीबीसी से बात करते हुए जोर दे कर कहा कि तालिबान ने इस इलाके में किसी बच्चे का सिर कलम नहीं किया है.

परिवार के लिए खाना

कंधार के गवर्नर ने इस घटना की निंदा करते हुए इस गैर इस्लामी करार दिया और तालिबान को ही इसके लिए ज़िम्मेदार बताया.

इन बच्चों का रविवार को अपहरण किया गया था और सोमवार की सुबह इनके शव कंधार के ज़हरी इलाके में पाए गए.

Image caption तालिबान पर पहले भी बच्चों की हत्या के आरोप लगते रहे हैं.

पहले दस साल के लड़के की मौत की खबर आई और बाद में राज्य सरकार ने 16 साल वाले किशोर की सर कटी लाश मिलने की भी पुष्टि की.

बीबीसी के काबुल संवाददाता का कहना है कि 10 साल की उम्र का बच्चा बेहद गरीब था और पुलिस वालों के यहाँ से बचा हुआ खाना अपने घरवालों के लिए ले जाता था.

संवाददाता के अनुसार दोनों बच्चे संभवत पुलिस और अंतर्राष्ट्रीय सेनाओं के स्टेशनों के पास मौजूद कचरे के डिब्बों में फेंकी हुई खाने की खराब और पुरानी चीज़ों की तलाश कर रहे थे.

पहले भी आरोप

साल 2012 में भी तालिबान के ऊपर एक 12 साल के लड़के और सात साल की लडकी का सिर कलम करने का आरोप लगा था. तालिबान ने तब भी इन आरोपों का खंडन किया था.

अफ़ग़ान पत्रकारों का कहना है कि तालिबान सामान्यतः इस तरह के घटनाओं में अपने लड़ाकों का हाथ होने से इनकार करता है.

तालिबान के लड़ाके अपने दुश्मानों का सिर कलम करते रहे हैं लेकिन वो हमेशा बच्चों पर इस तरह के हमले करने से इनकार करते आए हैं.

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