कब होगी भारत की जनसंख्या चीन से ज़्यादा?

संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार साल 2028 के बाद भारत की जनसंख्या चीन से ज़्यादा हो जाएगी. भारत दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा.

वर्ल्ड पॉप्युलेशन प्रॉसपेक्टस’ नामक इस रिपोर्ट के अनुसार अगले महीने तक विश्व की जनसंख्या सात अरब बीस करोड़ हो जाएगी. और वर्ष 2100 तक विश्व की जनसंख्या के दस अरब नब्बे करोड़ हो जाने का अनुमान है.

जनसंख्या की यह बढ़ोत्तरी मुख्यतः विकासशील देशों में होने की संभावना है. इसमें आधी से ज़्यादा जनसंख्या अफ्रीकी देशों की होगी.

विश्व की जनसंख्या का जन्म दर से सीधा संबंध होने के कारण यह जनसंख्या घट भी सकती है. अनुमान है कि इस सदी के अंत तक विश्व की जनसंख्या या तो बढ़ कर सोलह अरब साठ करोड़ हो जाएगी या फिर घट कर छह अरब अस्सी करोड़ रह जाएगी.

इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2028 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाला देश हो जाएगा और जनसंख्या में चीन को पीछे छोड़ देगा.

उम्मीद है कि इसके बाद चीन की जनसंख्या वृद्धि थम जाएगी लेकिन भारत की जनसंख्या बढ़ती रहेगी.

बढ़ेगी औसत उम्र

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी वू ह्वांगबू ने कल इस रिपोर्ट को जारी करते हुए मीडिया से कहा कि “हालाँकि वैश्विक स्तर पर जनसंख्या वृद्धि घटी है लेकिन यह रिपोर्ट हमें याद दिलाती है कि कुछ विकासशील देशों, खासकर अफ्रीका की जनसंख्या अभी भी तेजी से बढ़ रही है.”

इस रिपोर्ट के अनुसार विकसित देशों की वर्तमान जनसंख्या एक अरब तीस करोड़ है. 2050 में भी इन देशों की जनसंख्या के करीब-करीब इतना ही रहने की उम्मीद है.

वहीं दुनिया के 49 सबसे कम विकसित देशों की जनसंख्या के 2050 तक लगभग दोगुनी हो जाने की उम्मीद है. इन देशों की वर्तमान जनसंख्या नब्बे करोड़ है. 2050 तक इनकी जनसंख्या के एक अरब अस्सी करोड़ हो जाने की उम्मीद है.

अनुमान है कि नाइजीरिया की जनसंख्या 2050 तक संयुक्त राज्य अमरीका से ज़्यादा हो जाएगी.

संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या विभाग के निदेशक जॉन विलमोथ ने बताया कि “भारत, चीन, इंडोनेशिया़ ईरान, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े विकासशील देशों में प्रति महिला जन्मदर में तेज गिरावट आई है...लेकिन नाइजीरिया, निजेर, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो, इथोपिया, यूगांडा, अफगीनिस्तान एवं पूर्वी तिमोर जैसे देशों में जनसंख्या वृद्धि की तेज दर के बने रहने का अनुमान है. ”

रिपोर्ट में विकसित एवं विकासशील देशों की औसत आयु सीमा के बढ़ने का अनुमान लगाया गया है. इसके अनुसार 2045-2050 तक वैश्विक औसत आयु 76 वर्ष और 2095-2100 तक 82 वर्ष हो जाएगी.

यह रिपोर्ट विश्व के 233 देशों के जनसंख्या के आंकड़ों के समग्र विश्लेषण पर आधारित है.

(बीबीसी हिन्दी का एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए. ताज़ा अपडेट्स के लिए आप हम से फ़ेसबुक और ट्विटर पर जुड़ सकते हैं)

संबंधित समाचार