आखिर कहां गायब हो गया अमरीकी जासूस?

स्नोडेन
Image caption एडवर्ड स्नोडेन 20 मई को हवाई से हॉन्ग कॉन्ग चले गए थे.

रूस ने कहा है कि अमरीकी ख़ुफ़िया जानकारियां सार्वजनिक करने वाले भगोड़े एडवर्ड स्नोडेन को पनाह देने में रुस की कोई भूमिका नहीं रही है.

अमरीकी जासूस एडवर्ड स्नोडेन मॉस्को के लिए हॉन्ग कॉन्ग से उड़ान भरने के बाद से कहां हैं इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है.

चर्चा थी कि स्नोडेन ने मॉस्कों में शरण ली है, लेकिन रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा है कि स्नोडेन रूस की सीमा में नहीं है. लावरोव ने कहा कि रूस का स्नोडेन से कोई लेना देना नहीं है.

अमरीका ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा था कि चीन और रूस ने स्नोडेन को हॉन्ग कॉन्ग से मॉस्को जाने में मदद की.

अमरीका के इस आरोप को रूस और चीन दोनों ने 'आधारहीन' बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

चीन का 'जवाब'

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हॉन्ग कॉन्ग की सरकार ने पूर्व अमरीकी ख़ुफ़िया कॉन्ट्रैक्टर के मामले को कानून के दायरे में रहकर संचालित किया.

अमरीका ने इसबयान की आलोचना करते हुए कहा कि, ''मान्य गिरफ्तारी वारंट होने के बावजूद एक भगोड़े को छोड़ना सोच-समझकर लिया गया फ़ैसला है.''

ख़बर थी कि स्नोडेन ने वेनेजुएला में राजनीतिक शरण मांगी है. उनका सोमवार को मॉस्को से क्यूबा जाने का कार्यक्रम था और फिर उन्हें वहां से वेनेजुएला होते हुए उन्हें इक्वाडोर जाना था.

लेकिन मॉस्को से हवाना जाने वाली उड़ान में स्नोडेन की सीट खाली थी. तभी से ये सवाल उठ रहा है कि वो आखिर हैं कहां?

(पढ़िए: कौन हैं स्नोडेन)

सीआईए के पूर्व कर्मचारी स्नोडेन लोगों की इंटरनेट और फ़ोन गतिविधियों पर नज़र रखे जाने के अमरीकी कार्यक्रम की जानकारी लीक करके सुर्खियों में आए थे.

प्रत्यर्पण

इस मुद्दे पर अमरीका और रूस के रिश्तों में भी तल्खी आ गई है. अमरीका ने कहा है कि अगर रूस ने स्नोडेन को उसके हवाले नहीं किया तो दोनों देशों के रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं.

इस बीच इक्वाडोर के विदेश मंत्री रिकार्डो पेटिनो ने कहा है कि उन्हें स्नोडेन के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

वियतनाम की यात्रा पर आए पेटिनो ने हनोई में कहा कि अमरीका ने स्नोडेन के बारे में उनकी सरकार से बात की थी.

अमरीकी न्याय विभाग ने स्नोडेन के खिलाफ आपराधिक मुक़दमा दर्ज कराया है. स्नोडेन के ख़िलाफ़ मुक़दमा ख़ुफ़िया निगरानी अभियान का ब्यौरा सार्वजनिक करने के आरोप में दर्ज कराया गया है.

स्नोडेन पर ‘सरकारी संपत्ति की चोरी’, ‘राष्ट्रीय रक्षा सूचना के अनधिकृत संचार’ और ‘जान-बूझकर ख़ुफ़िया सूचना का संचार’ का आरोप लगा है.

आरोप

Image caption रिकार्डो ने कहा कि उन्हें स्नोडेन के बारे में कोई जानकारी नही है.

इनमें हर आरोप के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सज़ा का प्रावधान है.

स्नोडेन ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनएसए के एक गोपनीय अभियान ‘प्रिज़्म’ के तहत बड़ी तादाद में फ़ोन कॉल्स और इंटरनेट से जुड़ी जानकारियां इकट्ठी की गई हैं.

स्नोडेन का आरोप था कि अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग चीनी कंप्यूटर नेटवर्क की हैंकिंग भी करता था. इस जानकारी के सामने आने के बाद ओबामा प्रशासन के लिए भारी शर्मिंदगी की स्थिति बन गई थी.

इसके बाद से ही अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी ने दुनिया भर के निजी यूज़रों के टेलीफोन और इंटरनेट डेटा हासिल करने की कार्रवाई का बचाव करना शुरू कर दिया.

उनका कहना है कि किसी अमरीकी या अमरीकी बाशिंदे को 'प्रिज़्म' के तहत निशाना नहीं बनाया गया है और इसकी देखरेख न्यायाधीश करते हैं.

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