बेरोज़गारी दूर करने के लिए ख़र्च होंगे दस अरब डॉलर

Image caption यूरोपीय संघ का मुख्यालय ब्रसेल्स में है.

बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में दो दिन तक चली यूरोपीय संघ की बैठक में शामिल हुए नेताओं ने नौजवानों में बढ़ती हुई बेरोज़गारी की समस्या का मुक़ाबला करने के लिए नया क़दम उठाने का निर्णय लिया है.

इसके तहत यूरोपीय संघ रोज़गार बढ़ाने के लिए अगले दो सालों में दस अरब डॉलर ख़र्च करने पर सहमत हो गया है.

इस दौरान मुख्य ज़ोर नौजवानों को रोज़गार के लिए प्रशिक्षण देने पर रहेगा.

यूरोपीय संघ में रोज़गार की तलाश करने वाले 18 से 25 साल के कुल नौजवानों की करीब एक चौथाई आबादी बेरोज़गार हैं.

यूरोपीय संघ के नेता ज़रूरतमंद छोटे उद्योगों को कर्ज देने के लिए 10 अरब डॉलर की राशि ख़र्च करने पर भी सहमत हो गए हैं.

हालाकि इसको अपर्याप्त बताते हुए यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह राशि ऊँट के मुँह में ज़ीरे के समान है.

आलोचकों ने इस क़दम को अपर्याप्त माना. उनका कहना है कि जब तक यूरोपीय संघ के देशों की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरेगी तब तक ऐसे प्रयासों से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा.

प्रतिभा का नुक़सान

यूरोप में हर चार में से एक नौजवान बेरोज़गार है.

बैठक की समाप्ति के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि बेरोज़गारी प्रतिभा का नुक़सान है.

कैमरन ने यह भी कहा कि “हमें ग़ैर-ज़रूरी नियम-क़ानूनों को कम करने की ज़रूरत है जिससे यूरोप का आर्थिक विकास तेज़ हो सके.”

कई महीनों के बाद इस बैठक में यूरोप के दीर्घकालिक बजट पर भी सहमति बन गई. अगले सात सालों के लिए अनुमोदित यह बजट कई खरबों का है.

वर्तमान में कुल 27 देश यूरोपीय संघ के सदस्य है.

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