वैटिकन बैंक घोटाले में पादरी गिरफ्तार

  • 28 जून 2013
वैटिकन बैंक घोटाले में पादरी गिरफ्तार

वैटिकन बैंक में भ्रष्टाचार और घोटाले की जांच कर रही इतालवी पुलिस ने एक शीर्ष इतालवी पादरी को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार किए गए पादरी मोनसिगनोर नुन्जियो स्कारानो वैटिकन के वित्त विभाग में कार्यरत हैं. खुफिया विभाग के एक एजेंट और एक वित्तिय ब्रोकर को भी गिरफ्तार किया गया है.

गिरफ्तार किए गए लोगों पर अवैध रूप से 20 मिलियन यूरो इटली भेजने का प्रयास करने का आरोप है.

हालिया समय के स्कैंडलों के मद्देनजर पोप फ्रांसिस ने बैंक के कामकाज की जांच के आदेश दिए थे.

वैटिकन बैंक में संदिग्ध लेनदेन, जिसमें चर्च को मिलने वाले दान के चैकों को रिसायकल करना भी शामिल है, की जांच कर रही इतालवी पुलिस के शक के दायरे में मोनसिगनोर नुन्जियो शामिल थे.

बैंक पर काले धन को सफेद करने के आरोप लगे लगने के बाद इसी महीने पोप फ्रांसिस ने अपने एक विश्वस्त पादरी को बैंक के प्रबंधन का काम देखने के लिए कहा था.

बैंक को अधिकारिक रूप से 'इंस्टीट्यूट फॉर द वर्क ऑफ रिलीजन' (धर्म का काम करने वाला संस्थान) कहा जाता है. यह दुनिया के सबसे गोपनीय बैंकों में से एक है. बैंक में 114 कर्मचारी काम करते हैं और इसकी कुल संपत्ति करीब 42188 करोड़ रुपये है.

पोप फ्रांसिस ने सामान्य गोपनीयता नियमों को दरकिनार करते हुए जांच कर रहे आयोग को पूर्णाधिकार दिए हैं ताकि घोटाले की तह तक पहुंचा जा सके.

रोम में मौजूद बीबीसी के डैविड विली के मुताबिक पारंपरिक तौर पर वैटिकन बैंक वैटिकन सिटी स्टेट की संप्रभुता का हवाला देते हुए जांच कर रही इतालवी पुलिस को सहयोग देने से बचता रहा था. लेकिन अब पोप फ्रांसिस ने साबित कर दिया है कि वो भ्रष्टाचार को आरोपों और घोटालों की तह तक जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

गौरतलब है कि 1982 में 3 बिलियन डॉलर के नुकसान के साथ दिवालिया हुए बैंक 'बैंको अंब्रोसियानो' में 'द इंस्टीट्यूट फॉर द वर्क ऑफ रिलीजन' मुख्य शेयरधारक था.

बैंक के चैयरमैन रोबर्टो काल्वी लंदन में ब्लैकफेयर ब्रिज से लटके हुए मृत पाए गए थे. उनके कत्ल को आत्महत्या बताया गया था. रोबर्टो काल्वी के वैटिकन के साथ नजदीकी रिश्ते थे.

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