पाकिस्तान: शियाओं और सुरक्षाकर्मियों पर हमला, 45 की मौत

पेशावर और क्वेटा
Image caption पेशावर और क्वेटा में हुए हमलों में कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में औरतें और बच्चें शामिल हैं.

पाकिस्तान अलग अलग शहरों में रविवार को हुए दो बम धमाकों में करीब 45 लोगों की मौत हो गई है और कई गंभीर रूप से घायल हुए है.

क्वेटा में हुए आत्मघाती हमले में एक शिया मस्जिद को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है.

इससे कुछ देर पहले ही पेशावर में सुरक्षाकर्मियों के काफ़िले पर कार बम से हमला किया. इस हमले में 17 लोगों की मौत हो गई, मरनेवालों में बच्चे भी शामिल है.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने रविवार को ही कहा था कि चरमपंथ के खिलाफ नए जोश और सख्ती के साथ निबटा जाएगा. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी इस वक्त पाकिस्तान के दौरे पर हैं.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि क्वेटा में हमले के बाद से ही नवाज़ शरीफ़ पर क्वेटा में हिंसा रोकने की रणनीति ज़ाहिर करने का दबाव है.

पहले भी हुए हमलें

Image caption क्वेटा में हमलों के बाद नवाज़ शरीफ़ से इस हमलों को रोक पाने में नाकामी पर सफाई मांगी जा रही है.

अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि रविवार को हुए हमलों के पीछे किस चरमपंथी संगठन का हाथ है.

पिछले दो सप्ताह में छात्राओं, विदेशी पर्वतारोही और एक वरिष्ठ जज के काफ़िले पर भी हमले किए गए थे.

क्वेटा में अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लोगों को सुन्नी चरमपंथी निशाना बनाते आए हैं.

पुलिस के अनुसार, रविवार शाम को एक आत्मघाती हमलावर साइकिल पर सवार होकर स्थानीय शिया मस्जिद पर हमले के लिए जा रहा था लेकिन उसे रास्ते में ही चेकपोस्ट के पास रोक लिया गया और बम वहीं फट गया.

क्वेटा में हुए धमाके में मारे गए लोगों में नौ महिलाए, एक बच्ची और चार लड़के शामिल है.

उधर पेशावर में अस्पताल के अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि वहां मारे गए लोगों में चार बच्चे शामिल थे.

पेशावर के एक व्यस्त बाज़ार में खड़ी गाड़ी में बम रखा गया था जिसका निशाना सुरक्षाकर्मियों का एक काफ़िला था. लेकिन धमाके में मारे गए सभी लोग आम नागरिक थे.

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