अमरीकी नागरिकों की टोह भी लेता है ड्रोन

  • 12 जुलाई 2013
रॉवर्ट म्यूलर
Image caption एफबीआई के निदेशक म्यूलर सितंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

अमरीका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई का कहना है कि देश में कुछ मामलों में टोह लेने के लिए ड्रोन विमानों का इस्तेमाल किया जाता है.

आमतौर पर इस विमान का इस्तेमाल पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तालिबान चरमपंथियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है.

लेकिन एफबीआई के निदेशक रॉबर्ट म्यूलर ने सिनेट की न्यायिक समिति से कहा कि उनकी एजेंसी के पास सीमित संख्या में ड्रोन विमान हैं और उनका इस्तेमाल बहुत कम मामलों में किया गया है.

हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि ड्रोन विमानों के बारे में नीतियां बनाने की प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है.

निजता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा

ये खुलासा ऐसे वक्त हुआ है जब इस बात पर बहस हो रही है कि अमरीका सरकार निजता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच कैसा संतुलन कायम करती है.

हाल में ये बात सामने आई थी कि अमरीका की इलेक्ट्रॉनिक गुप्तचर एजेंसी देश और विदेश में फोन रिकॉर्ड्स और इंटरनेट डेटा की जासूसी कर रही है.

आयोवा के रिपब्लिकन सांसद चक ग्रासले ने म्यूलर से इस मामले में सवाल किया. एफबीआई निदेशक ने कहा कि ड्रोन विमानों का इस्तेमाल उन्हीं मामलों में किया जाता है जिनमें जांच को मजबूत करने की जरूरत होती है.

उन्होंने कहा कि वो इस बात को लेकर निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते कि ड्रोन विमानों से मिले आंकड़ों को कितने समय तक रखा जाता है.

निजता को खतरा

Image caption नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने ड्रोन पर हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदर्शन किया था.

समिति की अध्यक्ष डियान फीनस्टीन ने एफबीआई निदेशक से कहा कि उनकी नज़र में पायलटरहित विमानों का इस्तेमाल अमरीकी नागरिकों की निजता के लिए सबसे बड़ा खतरा है खासतौर से तब जब निजी कंपनियां इसका इस्तेमाल करें.

कांग्रेस ने संघीय उड्डयन प्रशासन को आदेश दिया है कि वो अक्टूबर 2015 तक अमरीकी आकाश को पायलटरहित विमानों के लिए खोल दे.

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक एयरोस्पेस इंडस्ट्री का मानना है कि अगले पांच साल में दुनियाभर में 30,000 ड्रोन विमान तैनात होंगे जिनमें से आधे अमरीका की धरती पर होंगे.

मई में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि वो अमरीका से बाहर अभियानों में हथियारबंद ड्रोन विमानों के इस्तेमाल को कम करेंगे.

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