तख़्तापलट के बाद सुलगता मिस्र, 12 की मौत

  • 6 जुलाई 2013

मिस्र में अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सीके समर्थकों और विरोधियों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तहरीर चौक के पास एक पुल पर दोनो पक्षों ने एक दूसरे पर पत्थर और बोतलें फेंकी.

बीच-बचाव करने के लिए सेना को टैंकों के साथ हस्तक्षेप करना पड़ा.

मोहम्मद मुर्सी के पक्ष में होने वाले प्रदर्शन के दौरान सेना की ओर से की जाने वाली फायरिंग के चलते तीन लोगों की मौत के कई घंटे बाद हिंसक झड़पें शुरू हुई.

खबरों के मुताबिक मिस्र के अन्य शहरों में भी झड़पें हुई हैं जिनमें कम से कम 12 बारह लोग मारे गए और 318 घायल हो गए.

क्यों हो रही है मिस्र में बार-बार क्रांति

तनाव बढ़ता गया

राजधानी काहिरा में तनाव उस समय बढ़ा जब मुर्सी के समर्थकों ने रिपब्लिकन गार्ड मुख्यालय की ओर जमा होना शुरू किया जहां माना जा रहा है कि मोहम्मद मुर्सी को नज़रबंद किया गया है.

इससे पहले मोहम्मद मुर्सी की पार्टी मुस्लिम ब्रदरहुड के हजारों समर्थक शाम तक तहरीर स्कवायर के पास सड़कों पर फैल गए.

मुस्लिम ब्रदरहुड के वरिष्ठ नेता मोहम्मद बादी ने समर्थकों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि वो तब तक मौजूद रहेंगे जब तक राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को वापस सत्ता में नहीं लाया जाता.

इसके तुरंत बाद मुस्लिम ब्रदरहुड के समर्थक हल्ला करते हुए तहरीर स्कवायर की ओर बढ़े जहां मोहम्मद मुर्सी के विरोधी जमा थे.

बीबीसी संवाददाता गेविन ली का कहना है कि यह संघर्ष धीरे धीरे और उग्र होता गया.

घटनाचक्र:लोकतंत्र से तख़्तापलट तक

इन झड़पों के दौरान एक कार को आग लगा दी गई जबकि मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों और विरोधियों ने एक दूसरे पर पथराव किया.

इससे पहले, मुहम्मद मुर्सी को हटाने के ख़िलाफ प्रदर्शन में सेना की ओर से गोलीबारी में तीन लोग मारे गए थे.

मिस्र की सेना ने जनता के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की गारंटी दी थी और राष्ट्रपति मुर्सी को सत्ता से हटाने के खिलाफ मुस्लिम ब्रदरहुड के समर्थकों ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया था.

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