क्या बार-बार नौकरियां बदलते हैं आप?

  • 8 जुलाई 2013

यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढाई करने के बाद जब कालेब फ़ॉर्ब्स को 20 साल की उम्र में एक ऑस्ट्रेलियाई एडवर्टाइज़िंग एजेंसी में नौकरी मिली, तो उन्हें लगा था कि वो इस कंपनी में बरसों तक टिके रहेंगे.

लेकिन वो सात महीनों में ही इस नौकरी से ऊब गए.

फ़ॉर्ब्स का कहना है, “मुझे लगा था कि मैं बिल्कुल सही दिशा में जा रहा हूं. लेकिन बाद में मुझे महसूस हुआ कि उस कंपनी में आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं था.”

फिर फ़ॉर्ब्स लंदन चले गए, जिसके बाद अगले पांच साल उन्होंने चार अलग-अलग नौकरियां कीं.

वे कभी अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं थे. उन्हें बेहतर वेतन और बेहतर पद चाहिए था.

बार-बार नौकरियां बदलने वालों की दुनिया में आपका स्वागत है.

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कम समयावधि में, एक नौकरी से दूसरी का रुख करने का चलन आम हो जाएगा.

फ़ायदा या नुकसान?

इसकी वजह ये है कि रोज़गार के तरीके बदल रहे हैं.

Image caption युवाओं का बार-बार नौकरी बदलना इतना नुकसानदेह नहीं माना जाता

वॉशिंगटन में मरसर एलएलसी वर्कफोर्स साइंसिज़ इंस्टिट्यूट के पार्टनर रिक गुज़्ज़ो का कहना है, “आजकल कॉन्ट्रैक्ट और पार्ट टाइम नौकरियों का चलन है जिसके चलते लोग अपने विकल्प खुले रख रहे हैं.”

यही नहीं नौकरियों से निकाले जाने का चलन और तन्ख़्वाह समय पर न मिलने की वजह से भी कई लोग नौकरियां बदल रहे हैं.

लेकिन रोज़गार के कई क्षेत्रों में बार-बार नौकरियां बदलना नुकसानदेह साबित हो सकता है.

कई कंपनियां आपके नौकरी बदलने की तेज़ी को आपके चरित्र से जोड़ कर देखती हैं और ये धारणा बनाती हैं कि आप उनकी कंपनी में टिक पाएंगे भी या नहीं.

ऐसे आवेदकों को नौकरी देने से पहले कंपनियां कई बार सोचती हैं.

हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि दशकों से एक ही नौकरी करने वाले आवेदक को भी चुनने में ख़ासा जोखिम रहता है.

कंपनियों को इस बात की चिंता रहती हैं कि ऐसे आवेदक उस कंपनी के नए वातावरण में ढल पाएंगें या नहीं.

वफ़ादारी या वेतन?

कुछ सर्वेक्षण बताते हैं कि जो लोग एक ही कंपनी में 23 साल तक रहे, वो कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर पहुंच गए, जबकि जिन लोगों के पास अलग-अलग कंपनियों का अनुभव था, उन्हें इतने ऊंचे पद पर पहुंचने में 26 साल लगे.

एक ही कंपनी में बरसों तक रहने के बाद आपको प्रोमोशन भले ही मिल जाए, लेकिन आमतौर पर वेतन में उतना इजाफ़ा नहीं हो पाता, जितना कई नौकरियां बदलने पर होता है.

Image caption विशेषज्ञ कहते हैं कि रोज़गार के तरीके बदल रहे हैं

कालेब फ़ॉर्ब्स के साथ यही हुआ. अब उनकी उम्र 26 साल है और हर बार बेहतर नौकरी की तलाश में उन्होंने बेहतर वेतन पाया. उनका शुरुआती सालाना वेतन 31 हज़ार डॉलर था, जो पांच साल में बढ़ कर एक लाख 55 हज़ार डॉलर हो गया.

नौकरियों के बाज़ार में युवाओं का बार-बार नौकरी बदलना उतना बुरा नहीं माना जाता, जितना 35 साल से ज़्यादा की उम्र वाले कर्मचारी का.

तो फिर एक ही कंपनी में आखिर कितने समय तक रहना चाहिए?

अलग-अलग क्षेत्रों में इसका जवाब अलग-अलग मिलेगा.

तकनीक से जुड़ी कंपनी में कर्मचारियों का आना-जाना लगा रहता है, जबकि खेती-बाड़ी से जुड़ी कंपनी दूसरी कंपनी से आए लोगों को नौकरी देने से पहले कई बार सोचती हैं.

बहरहाल एक नौकरी पाने के लिए आपके बायो-डाटा में वफ़ादारी और महत्वाकांक्षाओं का एक अच्छा संगम दिखना चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉइड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फेसबुक या ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार