सैन फ़्रांसिस्को दुर्घटना: नौसिखिया उड़ा रहा था विमान

  • 10 जुलाई 2013
सैन फ्रांसिस्को में विमान दुर्घटना

अमरीका के सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान जब 500 फ़ीट की ऊंचाई पर था तो सीनियर पायलट को ये एहसास हो गया था कि विमान बहुत नीचे आ गया है.

नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ़्टी बोर्ड (एनटीएसबी) की प्रमुख डेब्रा हर्समैन ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस हादसे के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि विमान जब हवाई अड्डे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो पीछे बैठे दो उड़ान सहायक इजेक्ट होकर रनवे पर जा गिरे. वे बच तो गए लेकिन उन्हें गंभीर चोटें आईं.

दुर्घटना में मरने वालों की शिनाख़्त चीन की दो किशोरियों यी मेंगीयुआन और वांग लिंजिया के रूप में हुई है. सैन फ्रांसिस्को पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या एक किशोरी की मौत दुर्घटनास्थल की तरफ जा रहे आपातकालीन वाहन की चपेट में आने से हुई है.

दक्षिण कोरिया के इंचिओन से सैन फ्रांसिस्को जा रही आसियाना एयरलाइंस की उड़ान संख्या 214 के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले की घटनाओं की विस्तृत जानकारी मिल गई है.

प्रशिक्षु पायलट

Image caption डेब्रा हर्समैन ने कहा कि अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी

हर्समैन ने बताया कि 11 घंटे की उड़ान के बाद जब बोइंग 777 विमान सैन फ्रांसिस्को की तरफ आ रहा था तो चार में से तीन पायलट कॉकपिट में थे.

बोइंग 777 में कंट्रोल अभी शुरुआती प्रशिक्षण ले रहे पायलट ली कांग कुक के हाथों में था. उन्हें इससे पहले विमान को सैन फ्रांसिस्को में उतारने का कोई अनुभव नहीं था.

विमान की कमान एक इन्स्ट्रक्टर पायलट के हाथों में थी जो पहली बार ये भूमिका निभा रहा था.

इन दो पायलटों के पीछे जंप सीट पर रिलीफ फर्स्ट ऑफ़िसर था जिसे पांच-छह बार बतौर मॉनिटरिंग पायलट सैन फ्रांसिस्को में विमान उतारने का अनुभव था. चालक दल का चौथा सदस्य रिलीफ कैप्टन विमान उतरते समय केबिन में था. जांचकर्ता अब भी उससे पूछताछ कर रहे हैं.

हर्समैन ने बताया कि आसमान पूरी तरह साफ था और विमान को उतरने की अनुमति मिल गई थी. दुर्घटना से 34 सेकेंड पहले विमान 500 फीट की ऊंचाई पर 134 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ रहा था. तभी इन्स्ट्रक्टर पायलट को एहसास हुआ कि विमान बहुत नीचे उड़ रहा है.

रफ़्तार

Image caption आसियाना के प्रमुख यून यंग दू ने सैन फ्रांसिस्को पहुंचकर घायलों का हालचाल पूछा

उसने पायलट से विमान को ऊंचा उठाने को कहा और कुछ सेकेंड बाद ही उसे पता चला कि ऑटोमेटेड थ्रॉटल कंट्रोल 137 समुद्री मील की रफ़्तार नहीं पकड़ पा रहा है. दुर्घटना से आठ सेकेंड पहले पायलट ने रफ़्तार बढ़ाने के लिए थ्रॉटल को आगे की तरफ दबा दिया.

दुर्घटना से दो सेकेंड से कम समय पहले पायलट ने लैंडिंग टालने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मुख्य लैंडिंग गीयर रनवे से काफ़ी पहले बनी दीवार से टकरा गया. फिर विमान का पिछला हिस्सा ज़मीन से टकराकर टूट गया.

इसके बाद विमान बाँई तरफ घूम गया और रनवे के क़रीब रुकने से पहले उसने 360 डिग्री चक्कर काटा.

दोनो पायलटों को मामूली चोटें आई जबकि फर्स्ट ऑफ़िसर की एक पसली टूट गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

कम से कम 30 यात्री अब भी सैन फ्रांसिस्को अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से अधिकतर को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी है.

हवाई यातायात सुरक्षा विभाग के अधिकारी दुर्घटना की जांच कर रहे हैं. उनका कहना है कि रनवे के क़रीब विमान की रफ़्तार बहुत कम थी.

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