भूटान चुनावः मुख्य विपक्षी दल को पूर्ण बहुमत

  • 14 जुलाई 2013
भूटान चुनाव
Image caption भूटान और भारत का संबंध इस चुनाव में मुख्य मुद्दा रहा.

भूटान में विपक्षी दल पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने देश में हुए दूसरे संसदीय चुनाव में निर्णायक विजय प्राप्त कर ली है.

इस चुनाव में पीडीपी ने भूटान नरेश की क़रीबी समझे जाने वाली सत्तारूढ़ पार्टी द्रुक फुएनसम त्शोंगपा (डीपीटी) को हरा दिया.

अधिकारियों के अनुसार चुनाव में जनता की अच्छी भागीदारी रही है और क़रीब 80 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया.

राज्य की बदहाल अर्थव्यवस्था और पड़ोसी देश भारत के साथ भूटान के संबंध इस चुनाव में मुख्य मुद्दे रहे थे.

भूटान में 2008 से ही लोकतंत्र है. 2008 में भूटान नरेश ने ख़ुद ही सारी सत्ता संसद को सौंप दी थी.

भूटान चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार पीडीपी ने भूटान की कुल 47 संसदीय सीटों में से 32 पर विजय प्राप्त कर ली है.

2008 में हुए पिछले संसदीय चुनाव में विजयी रही डीपीटी को इस चुनाव में केवल 15 सीटों पर विजय मिली है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पीडीपी नेता त्शेरिंग टोबगे के नई सरकार में प्रधानमंत्री बनने की संभावना है.

भारत का असर

पीडीपी ने भूटान के साथ भारत से ख़राब हो रहे संबंधों के लिए डीपीटी सरकार की आलोचना की है.

भूटान कई दशकों से विदेश और व्यापार नीति के लिए भारत पर भरोसा करता रहा है.

भारत ने हाल ही में भूटान को दी जाने वाली तेल और गैस सब्सिडी में कमी की थी.

भारत के इस क़दम के बाद भूटान में यह अनुमान लगाया जाने लगा कि भारत ने यह क़दम चीन से भूटान की बढ़ती नज़दीकियों के मद्देनज़र उठाया है.

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