चीनी फ़र्म कर रही है पोर्नोग्राफी की निगरानी

  • 26 जुलाई 2013
Image caption ब्रिटेन की पोर्नोग्राफी फिल्टरिंग प्रणाली की देखरेख चीन की फर्म हुआवेई कर रही है.

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की तारीफ़ पा चुकी पोर्नोग्राफी फिल्टरिंग प्रणाली का नियंत्रण चीन की विवादित कंपनी हुआवेई के पास है.

बीबीसी को पता चला है कि इस कंपनी के ब्रिटेन स्थित कर्मचारी तय करते हैं कि टॉकटॉक की नेट फिल्टरिंग सेवा के तहत किस साइट को ब्लॉक किया जाए.

ब्रिटेन और अमरीका दोनों जगह के राजनेताओं ने हुआवेई और चीन सरकार के बीच कथित रूप से घनिष्ठ संबंधों पर चिंता जताई है.

दूसरी ओर कंपनी का कहना है कि चिंताएँ निराधार और पूर्वाग्रह पर आधारित हैं.

टॉकटॉक की तारीफ

इससे पहले सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा था कि टॉकटॉक ने अपनी प्रणाली होमसेफ की स्थापना के लिए बेहतरीन नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया है. ग्राहकों को इस सेवा की पेशकश 2011 से की जा रही है.

टॉकटॉक ने बीबीसी को बताया कि वह हुआवेई के साथ अपने संबंधों को लेकर सहज है और उसकी सेवाएँ काफी लोकप्रिय हैं.

Image caption ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन टॉकटॉक की तारीफ कर चुके हैं.

होमसेफ एक स्वैच्छिक योजना है जिसके तहत ग्राहक सोशल मीडिया, जुआ और पोर्नोग्राफी जैसी श्रेणियों का चयन कर उसे ब्लॉक कर सकते हैं.

जवाबदेही का सवाल

कैमरन ने ब्रिटेन में सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से ऐसे ही उपाय अपनाने के लिए कहा है, ताकि अपने बच्चों और उनकी मासूमियत को बचाया जा सके.

उन्होंने कहा इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर नज़र रखी जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फिल्टरिंग सही तरीके से की जा रही है.

हालांकि एक विशेषज्ञ का कहना है कि साइटों को काली सूची में डालने का अधिकार निजी कंपनियों को नहीं मिलना चाहिए और यह ज़िम्मेदारी किसी स्वतंत्र समूह के हाथ में होनी चाहिए.

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आईटी नीति दल के अध्यक्ष डॉक्टर मार्टिन थॉमस ने बीबीसी को बताया, "यह काम एक ऐसे संगठन द्वारा संचालित होना चाहिए जो एक मंत्री के प्रति जवाबदेह हो ताकि उसे संसद में चुनौती दी जा सके."

उन्होंने कहा, "किसी वेब पते को किस तरह काली सूची में डाला जाएगा, उसकी प्रक्रिया को लेकर निश्चित तौर से चिंताएँ हैं, इसके बारे में किसे जानकारी होगी और कौन इसके खिलाफ अपील कर सकेगा."

उन्होंने कहा कि, "आप आसानी से कल्पना कर सकते हैं कि किसी व्यावसायिक संगठन को गलत ढंग से काली सूची में डाल दिया जाता है और वह एक झटके में एक बड़ा वेब ट्रैफिक खो देती है और उसे वाणिज्यिक नुकसान उठाना पड़ता है."

विस्तार पर चिंता

Image caption दुनिया भर में इंटरनेट पर मौजूद अश्लील सामग्रियों को लेकर चिंताएँ जताई जा रही हैं.

करीब एक दशक से हुआवेई ब्रिटेन के दूरसंचार बुनियादी ढांचे का अहम हिस्सा रहा है. उसकी सबसे बड़ी ग्राहक बीटी ने समय-समय पर कहा है कि उसे फ़र्म की सेवाएँ लेने में कोई दिक्कत नहीं है.

लेकिन ब्रिटेन में कंपनी के तेजी से हो रहे विस्तार पर चिंता जताई जाती रही है.

ख़ुफिया और सुरक्षा समिति (आईएससी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है, "हुआवेई और चीन सरकार के बीच कथित संबंध चिंताजनक हैं, क्योंकि इस बात को लेकर संदेह पैदा होता है कि क्या हुआवेई का इरादा केवल व्यावसायिक है या अधिक राजनीतिक है."

समिति ने साथ ही कहा है कि कुछ भी गलत होने के प्रमाण नहीं मिले हैं.

दूसरी ओर अमरीकी खुफिया समितियों ने एक कदम आगे जाकर हुआवेई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती करार दिया है.

हुआवेई ने चीन सरकार के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों की बात को सख़्ती के साथ नकारा है. कंपनी का कहना है कि उसकी निर्णायक हिस्सेदारी उसके कर्मचारियों के पास है. उसने परीक्षण केन्द्र की समीक्षा का स्वागत किया है.

हुआवेई के कार्यपालक चेन ली फांग ने कहा है कि कंपनी के साथ सिर्फ इसलिए गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए क्योंकि वह चीन की है.

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