सीआईए के संग्रहालय में लादेन की राइफ़ल

  • 28 जुलाई 2013
Image caption ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के ऐबटाबाद स्थित एक मकान में अमरीकी नैसेना दल सीन ने मार गिराया था.

पाकिस्तान में अमरीकी 'नेवी सील’ के हाथों ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद उनके पास मिली एके-47 राइफल को अमरीका की केन्द्रीय खुफ़िया एजेंसी (सीआईए) के अत्यधिक गुप्त संग्रहालय में रखा जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वर्जीनिया के लैंगली में स्थित सीआईए मुख्यालय के संग्रहालय में इस राइफल को ले जाया गया है. इस संग्रहालय में दूसरे विश्व युद्ध से लेकर 'आतंक के खिलाफ युद्ध' तक 70 साल के गैजेट्स, कलाकृतियों और ट्राफियां है.

यह संग्रहालय आम जनता के लिए बंद है और इसे केवल कर्मचारी और आमंत्रित मेहमान ही देख सकते हैं.

ओसामा बिन लादेन की रूस में बनी एके-47 राइफल को एक साधारण पीतल की पट्टी पर 9/11 के बाद अफगानिस्तान में मिले अल-कायदा प्रशिक्षण मैनुअल के साथ रखा गया है.

ऐबटाबाद से बरामदगी

संग्रहालय प्रमुख टोनी हिले ने एनबीसी न्यूज़ को बताया कि, “हमलावर दल ने ऐबटाबाद के परिसर की तीसरी मंजिल से इस राइफल को बरामद किया.”

उन्होंने बताया, “परिसर की तीसरी मंजि़ल पर (बिन लादेन से) इसकी निकटता के कारण हमारा विश्लेषण बताता है कि यह उनकी है. यह एक रूसी एके है जिसमें नकली चीनी चिन्ह बने हैं.”

न तो संग्रहालय प्रमुख और न ही एजेंसी ने यह बताया कि एके-47 संग्रहालय तक कैसे पहुँची.

एनबीसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि इसे एजेंसी के उस अभियान दल ने यहाँ तक पहुँचाया है, जो मई 2011 के छापे में शामिल था.

एजेंसी खामोश

Image caption माना जाता है कि ओसामा बिन लादेन अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले का मुख्य अभियुक्त था.

सीआईए ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है कि हथियार कैसे मिला या क्या इसमें गोलियाँ भरी थीं.

संग्रहालय प्रमुख टोनी हिले ने बताया, “मैं वहाँ नहीं थी. इसलिए मैं इस बात की पुष्टि या इनकार नहीं कर सकती हूँ कि यह हथियार कहाँ था. मैं केवल यह जानती हूँ कि यह मेरे संग्रहालय में मेरे पास है और मैं इसे पाकर खुश हूँ.”

हिले ने कहा कि हथियार अच्छी हालत में है, लेकिन इस पर बना चीन का चिन्ह एक रहस्य है. उन्होंने कहा कि यह कई प्रोपेडेंडा वीडियो में ओसामा के पास देखा गया हथियार नहीं है.

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