असांज ने की मैनिंग के ख़िलाफ़ फ़ैसले की आलोचना

  • 31 जुलाई 2013
ब्रैडली मैनिंग

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने अमरीकी सैनिक ब्रैडली मैनिंग को जासूसी का दोषी करार देने के फ़ैसले की आलोचना करते हुए इसे 'ख़तरनाक मिसाल' बताया है.

असांज ने लंदन में इक्वाडोर के राजदूतावास में कहा, "ये निष्पक्ष सुनवाई नहीं थी. मैनिंग ने कोई गलत काम नहीं किया. उन्होंने अमरीका और दुनिया के लोगों के सरकार की करतूत बताई."

विकीलीक्स को ख़ुफ़िया दस्तावेज़ लीक करने का आरोप झेल रहे मैनिंग को 'शत्रु की मदद करने' के सबसे गंभीर आरोप से बरी कर दिया गया है.

लेकिन अमरीका की एक सैन्य अदालत ने 25 वर्षीय मैनिंग को जासूसी समेत 20 अन्य आरोपों में दोषी पाया गया है. ब्रैडली मैनिंग ने विकीलीक्स को दस्तावेज़ लीक करने की बात स्वीकार कर ली थी.

लेकिन उनका ये भी कहना था कि उन्होंने ऐसा सिर्फ़ इसलिए किया था ताकि अमरीका की विदेश नीति पर बहस हो सके.

इसे अमरीकी सरकारी ख़ुफ़िया जानकारी लीक करने का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा था. मैनिंग को इस मामले में 100 साल से भी ज़्यादा की सज़ा हो सकती है.

सज़ा के मामले में सुनवाई बुधवार से शुरू होगी. जासूसी के कई आरोपों के अलावा उन्हें चोरी के पाँच मामलों, कंप्यूटर धोखाधड़ी के एक मामले और सैन्य अपराध के कई मामलों में भी दोषी पाया गया है.

गिरफ़्तारी

मैनिंग को मई 2010 में गिरफ़्तार किया गया था. गिरफ़्तारी के वक्त वह इराक़ में तैनात थे. अमरीका भेजे जाने से पहले मैनिंग कई हफ़्तों तक कुवैत स्थित अमरीकी सैन्य ठिकाने के कैम्प एरीफजैन में हिरासत में रहे थे.

मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मेजर एश्डेन फीन ने कहा था कि ब्रैडली मैनिंग ने सुनियोजित तरीके से हजारों गुप्त सरकारी दस्तावेजों को विकीलीक्स को उपलब्ध कराया था.

मेजर एश्डेन ने अदालत से कहा कि खुफिया विश्लेषक होने के नाते मैनिंग को पता होना चाहिए था कि उन्होंने जो दस्तावेज लीक किए थे वे अल-कायदा के पास भी पहुंच सकते थे.

अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए हैं उनसे अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है जिसके कारण अमरीकी नागरिकों, विदेशी खुफिया कर्मचारियों और कूटनीतिज्ञों के जीवन को खतरा बढ़ गया.

मेजर फीन ने कहा कि इनमें से कुछ दस्तावेज आखिरकार ओसामा बिन लादेन तक पहुंच भी गए थे.

लेकिन मैनिंग के वकील डेविड कूम्ब ने कहा था कि मैनिंग ने “किसी दुर्भावना के बिना” यह कार्य किया था इसलिए उनके ऊपर 'शत्रु की मदद' का आरोप न्यायोचित नहीं है.

सैन्य नीति पर 'बहस'

फरवरी में मुकदमे से पूर्व हुई सुनवाई में दिए गए अपने लंबे बयान में मैनिंग ने कहा था कि उन्होंने अमरीका की विदेश और सैन्य नीति पर बहस करने के लिए दस्तावेज लीक किए थे.

मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए थे उनमें अमरीकी अपाचे हेलिकॉप्टर से इराक की राजधानी बग़दाद में किए एक हमले का विस्तृत विवरण था. 2007 में हुए इस हमले में करीब एक दर्जन लोग मारे गए थे. मारे गए लोगों में समाचार एजेंसी रॉयटर्स का एक पत्रकार भी शामिल था.

मैनिंग ने जो दस्तावेज लीक किए थे उनमें इराक और अफगानिस्तान युद्ध की 4,70,000 रिपोर्टें और अमरीकी सरकार एवं उसके विभिन्न दूतावासों के बीच हुए 2,50,000 गुप्त पत्राचार शामिल हैं.

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