जनरल बरार पर हमला: तीन दोषी करार

मनदीप सिंह संधू, दिलबाग सिंह, हरजीत कौर और बरजिंदर सिंह सांगा

ब्रिटेन की एक अदालत ने भारत के पूर्व लेफ़्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह बरार पर हुए हमले के मामले में दो पुरुषों और एक महिला को दोषी ठहराया है.

लंदन के सदर्क स्थित कोर्ट ने बर्मिंघम के 34 वर्षीय मनदीप सिंह संधू, लंदन के 37 वर्षीय दिलबाग सिंह और 39 वर्षीय हरजीत कौर को इस मामले में दोषी ठहराया है.

33 वर्षीय बरजिंदर सिंह सांगा ने इस मामले में अपना दोष पहले ही स्वीकार कर लिया था.

इन्हें जनरल बरार को चाकू मारने और घायल करने के आरोप में दोषी पाया गया है. 19 सितंबर को इन सबको सज़ा सुनाई जाएगी.

जनरल बरार ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में सैन्य कार्रवाई का नेतृत्व किया था.

पिछले साल सितंबर में छुट्टियाँ मनाने लंदन गए जनरल बरार के गर्दन में चाकू मारा गया था. वकीलों ने इसे सोच-समझकर किया गया हमला बताया.

वकीलों का कहना था कि 1984 में स्वर्ण मंदिर में हुई सैनिक कार्रवाई का बदला लेने के लिए ये हमला किया गया था.

हमला

पिछले साल 30 सितंबर को, जब बरार पर लंदन में हमला हुआ तब वह और उनकी पत्नी मीना छुट्टियाँ मना रहे थे. उन्हें चेहरे और गले पर गहरे घाव लगे थे.

बरार की अगुआई में ही सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था. बरार और उनकी पत्नी जब होटल लौट रहे थे तभी उन पर हमला हुआ था. भागने के दौरान हमलावरों में से एक का मोबाइल फ़ोन गिर गया जिससे पुलिस को अहम सुराग़ मिले.

स्वर्ण मंदिर के अंदर छिपे चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारतीय सेना सिखों के सबसे पवित्र स्थानों में से एक स्वर्ण मंदिर में दाखिल हुई. इस कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए.

मरने वालों में जरनैल सिंह भिंडरावाला भी थे जिनके नेतृत्व में चरमपंथी सिखों के लिए एक अलग राज्य खालिस्तान की मांग कर रहे थे.

ऑपरेशन ब्लूस्टार को लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं. लेकिन बरार को अब भी भारत में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है.

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