आखिर किसने खड़ा किया ड्रोन उद्योग?

  • 4 अगस्त 2013
हॉवार्ड मैकिऑन
मैकिऑन अमरीकी ड्रोन उद्योग के बड़े समर्थक हैं.

नन्हे से विमान ड्रोन का इस्तेमाल पूरी दुनिया में हो रहा है. जी-8 को सुरक्षा देने से लेकर जर्मनी में रेल की पटरियों की निगरानी तक. अमरीका चरमपंथियों के ख़िलाफ भी ड्रोन का इस्तेमाल करता रहा है.

अमरीकी संसद के सदस्य हॉवर्ड ‘बक’ मैकिऑन की अमरीकी ड्रोन उद्योग को ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका है और उन्हें इसका फ़ायदा भी मिला है.

ड्रोन कैसे घरेलू कानून-व्यवस्था और व्यावसायिक दुनिया का हिस्सा बन गए इसका जवाब अमरीका की राजधानी वॉशिंगटन में सत्ता के गलियारों में ढूंढा जा सकता है.

असल में अमरीकी ड्रोन उद्योग के आगे बढ़ते जाने के पीछे सिर्फ मैकिऑन ही हैं.

कैलिफोर्निया से रिपब्लिकन पार्टी के सांसद मैकिऑन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की आर्म्ड सर्विसेज़ कमेटी के चेयरमैन हैं.

मैकिऑन ड्रोन का समर्थन करने वाले विधायी समूह कांग्रेसनल अनमैन्ड सिस्टम्स कॉकस के को-चेयरमैन भी हैं.

'चंदा लिया'

सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिव पॉलिटिक्स और हर्स्ट अख़बार की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें 833,650 डॉलर यानी क़रीब 5 करोड़ रुपये चंदे में मिले हैं.

अमरीकी कंपनियां ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए मोटी रकम खर्च कर रही हैं

मैकिऑन को न सिर्फ ड्रोन बनाने वाली कंपनियों से चंदा मिलता है बल्कि उनके लॉबिस्ट और कॉन्ट्रैक्टरों से भी बेहद क़रीबी रिश्ते हैं.

मैकिऑन इसके शानदार उदाहरण है कि कैसे अमरीकी संसद का कोई सदस्य कांग्रेस की बनाई नैतिक सीमाओं के दायरे में रहकर काम कर सकता है, नीतियों पर असर डाल सकता है और बोइंग, नॉर्थरॉप ग्रमैन और लॉकहीड मार्टिन जैसी कंपनियों का मुनाफा बढ़ा सकता है.

मैकिऑन पर न तो किसी नैतिक सीमा के उल्लंघन करने का आरोप है और न ही कोई अपराध करने का.

उनसे जब इस लेख के लिए बार-बार इंटरव्यू देने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने मना कर दिया.

जब मैकिऑन छोटे थे तो उनके माता-पिता मांस बेचा करते थे बाद में उन्होंने कपड़ों की एक मशहूर दुकान खोली जिसमें मैकिऑन ने भी उनका हाथ बंटाया.

'सरकार और उद्योग'

अमरीकी कांग्रेस में उनके शुरुआती दिनों से ही उनकी पहचान कारोबारियों का समर्थन करने वाले की रही है.

ड्रोन के विरोध में अमरीका और पाकिस्तान में प्रदर्शन होते रहे हैं

साल 2001 के बाद मैकिऑन को ड्रोन बनाने वाली कंपनी टेक्सट्रॉन से अपने चुनाव अभियान के लिए चंदा मिला.

एयरोस्पेस डेली के मुताबिक इसके बाद मैकिऑन सेना के अधिकारियों से ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर रिपोर्ट तैयार करने को कहने लगे.

मैकिऑन ड्रोन कार्यक्रम में सरकारी पैसे के इस्तेमाल के लिए कोशिश करने लगे और अपनी कोशिशों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तुर्की और कुवैत भी गए.

एक निगरानी समूह सिटीजंस फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स इन वॉशिंगटन ने अपनी एक रिपोर्ट में मैकिऑन का ज़िक्र किया है कि किस तरह उन्हें कम दर पर कर्ज़ मिला और उन्होंने अपने आधिकारिक स्टाफ का ग़लत इस्तेमाल किया.

आलोचकों का कहना है कि सरकार और उद्योग के बीच की सीमाएं धुंधली पड़ रही हैं.

ड्रोन का इस्तेमाल तय इलाकों में ही किया जाता है और व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता लेकिन ये नियम भी जल्दी ही बदल सकते हैं.

क्योंकि अब मैकिऑन और उनके कॉकस के दूसरे सदस्य एक क़ानून का समर्थन कर रहे हैं जिसमें 2015 तक ड्रोन के नागरिक इस्तेमाल की बात है. इस क़ानून से पत्रकारों, फिल्म निर्माताओं और दूसरे लोगों को मदद मिलेगी.

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