जर्मनी में दस वर्षीय बच्चे को मिली 'ममी'

Image caption अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पाई गई वस्तु ममी ही है

जर्मनी में एक दस वर्षीय बच्चे को एक ऐसी चीज मिली है जो ममी जैसी मालूम पड़ रही है.

ये ममी पत्थर के बने एक ताबूत के भीतर पूरी तरह से आभूषणों से सुसज्जित अवस्था थी जो कि लकड़े के एक बक्से में बंद था.

लेकिन ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि अलेक्जेंडर केटलर नाम के इस बच्चे को उत्तरी जर्मनी के डाइफोल्ज नामक शहर से जो कलाकृति मिली है, वह वास्तव में प्राचीन मिस्र का ही अवशेष है या नहीं.

पेशे से दांतों के डॉक्टर अलेक्जेंडर के पिता लुत्ज़ वोल्फगैंग केटलर का कहना है कि उन्होंने इस आकृति की खुदकोई पड़ताल नहीं की है.

हालांकि वे इसे अपनी कार में लादकर वो बर्लिन ले जाने की योजना बना रहे हैं ताकि विशेषज्ञ लोग इसकी जांच कर सकें.

संदेह

Image caption शवों को ममी के रूप में सुरक्षित करने की मिस्र में परंपरा थी

केटलर के मुताबिक उन्हें कुछ संदेह इस बात को लेकर था कि पत्थर की आकृति और शव पर लिपटा कपड़ा नकली हैं. प्राचीन काल में मिस्र के लोग शवों को सुरक्षित रखने में इनका इस्तेमाल करते थे.

हालांकि, इसके बावजूद उन्हें उम्मीद है कि ममी असली हो सकती है. डेंटिस्ट केटलर के पिता ने साल 1950 में उत्तरी अफ्रीका गए थे.

केटलर ने स्थानीय अखबार को बताया कि उस समय असली ममी के जरिए व्यापार होता था.

उनके मुताबिक 1950 के दशक में रासायनिक लेपों और पट्टियों में लिपटी ममी को खोलने की प्रतियोगिता का रिवाज था.

केटलर से जब ये पूछा गया कि क्या ममी से दुर्गंध आ रही थी, तो उन्होंने कहा कि नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं था.

उनके मुताबिक जहां से ये ममी मिला है, उस जगह वो पिछले चालीस साल से रखा हुआ था.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार