इसराइल एक घाव की तरह है: ईरान

हसन रुहानी
Image caption रुहानी ने जून में चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है.

ईरान के निर्वाचित राष्ट्रपति हसन रुहानी ने फ़लस्तीनी इलाक़े में इसराइली नियंत्रण एक ‘पुराना घाव’ बताया है.

रुहानी रविवार को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. तेहरान में फलस्तीनियों के समर्थन में आयोजित एक रैली में उन्होंने ये बयान दिया है.

लेकिन दो ईरानी एजेंसियों ने रूहानी के बयान की अलग-अलग तरीके से रिपोर्टिंग की है और बीबीसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है. एजेंसियों के मुताबिक रूहानी ने इसराइल को ऐसा घाव बताया जिसे हटा देना चाहिए.

रुहानी ने जून में राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी. रुहानी को ईरान का उदारवादी नेता माना जाता है. उनका प्रचार अभियान उदारवाद और बाक़ी दुनिया से बेहतर रिश्तों पर आधारित था लेकिन उनका ताज़ा बयान महमूद अहमदीनेजाद की ही तरह है जो आठ साल तक ईरान के राष्ट्रपति रहे हैं.

इसराइल का विरोध 1979 से ही ईरान की विदेश नीति आधार रहा है.

इसराइल विरोधी रुख़

एएफपी के मुताबिक रुहानी ने इसराइल और फलस्तीनी अथॉरिटी के बीच शांति वार्ता पर कहा, "इसराइल ने समझौते की आड़ में अपना आक्रामक स्वभाव बरकरार रखा है और बातचीत इसराइल के लिए अपनी शांत छवि पेश करने का अवसर है.”

एएफपी के मुताबिक ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने हज़ारों लोगों की तस्वीरें प्रसारित की जो इसराइल और अमरीका विरोधी नारे लगा रहे थे.

वाशिंगटन में इसराइली और फ़लस्तीनी पक्ष के बीच दोबारा बातचीत शुरु हुई है. पिछले तीन सालों से ये वार्ता बंद पड़ी थी.

शिमोन पेरेज़ ने क्या कहा

उधर इसराइली राष्ट्रपति शिमोन पेरेज़ ने कहा है कि फ़लस्तीनियों से शांति समझौते के आसार बढ़ गए हैं.उनके अनुसार इसराइल और फ़लस्तीन दोनों को ही अब इस बात का एहसास हो गया है कि शांति के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है.

बीसी को दिए एक इंटरव्यू में पेरेज़ ने कहा कि उन्हें 100 फ़ीसदी इस बात का यक़ीन है कि फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास मध्यपूर्व में शांति कायम करने के लिए इसराइल के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं..

उनका कहना था,"मेरा ख्याल है कि महमूद अब्बास हमारे पार्टनर हैं और हम उनके पार्टनर हैं...हमदोनों को एक दूसरे से अच्छा सहयोगी नहीं मिल सकता है. मैं उन्हें कई बरसों से जानता हूं... उनमें चरमपंथ के ख़िलाफ़ होने और शांति के हक में काम करने की हिम्मत है."

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