ख़त्म हो रही है 'मौत की दवा'

टेक्सस
Image caption अमरीका के टेक्सस में मौत की सज़ा देने में इस्तेमाल दवा ख़त्म हो रही है.

अमरीका के टेक्सास में ‘मौत की दवा’ ख़त्म हो रही है. ‘मौत की दवा’ असल में पेंटोबार्बिटाल नाम की दवा है. इस दवा का इस्तेमाल मौत की सज़ा पाए कैदियों को देने में किया जाता है.

टेक्सास के आपराधिक न्याय विभाग के प्रवक्ता जैसन क्लार्क ने कहा कि टेक्सास में पेंटोबार्बिटाल की सप्लाई सितंबर में ख़त्म हो जाएगी.

अमरीका में मौत की सज़ा देने में टेक्सास अव्वल है. सिर्फ़ साल 2013 में ही 11 दोषियों को मौत की सज़ा दी गई है.

कुछ दवा कंपनियों ने अपनी दवा का इस्तेमाल मौत की सज़ा देने में करने पर एतराज जताया है.

पेंटाबार्बिटाल का इस्तेमाल गंभीर मिर्गी के इलाज में होता है लेकिन टेक्सास में पेंटाबार्बिटाल का इस्तेमाल मौत की सज़ा देने में जुलाई 2012 से हो रहा है.

पहले टेक्सास राज्य में मौत की सज़ा देने में जिन तीन दवाओं का इस्तेमाल होता था उनमें से एक सोडियम थायोपेंटाल की सप्लाई रोक दी गई थी इसके बाद टेक्सास ने पेंटाबार्बिटाल का इस्तेमाल शुरू किया.

अन्य विकल्पों पर विचार

अब टेक्सास के अधिकारियों को पेंटाबार्बिटाल हासिल करने में दिक्कत आ रही है, पेंटोबार्बिटाल का इस्तेमाल जानवरों की जान लेने में भी होता है.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक टेक्सास के आपराधिक न्याय विभाग के प्रवक्ता जैसन क्लार्क ने कहा कि वो “अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं.”

टेक्सास में इसी साल कम से कम पांच और लोगों को मौत की सज़ा दी जानी है.

रायटर्स के मुताबिक जैसन क्लार्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ‘मौत की दवा’ की कमी के बावजूद इन लोगों को मौत की सज़ा दी जा सकेगी.

वॉशिंगटन के डेथ पेनल्टी इनफॉर्मेशन सेंटर के रिचर्ड डाइटर ने कहा कि अन्य राज्यों को भी इस तरह की दिक्कत आएगी.

रिचर्ड डाइटर कहते हैं, "कुछ राज्य दूसरे देशों से दवा लेते हैं, कुछ दूसरे राज्यों से लेते हैं लेकिन दवा बनाने वाली कंपनियां, जिनमें से ज़्यादातर यूरोप से हैं, मौत की सज़ा देने में भागीदार नहीं बनना चाहती इसलिए उन्होंने जितना संभव हो रोकने की कोशिश की है.”

अमरीका में पहली बार दिसंबर 2010 में एक कैदी को पेंटोबार्बिटाल का इस्तेमाल कर मौत की सज़ा दी गई थी.

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